छत्तीसगढ़

कुसमुंडा खदान में दो ट्रेलरों की आमने-सामने टक्कर, एक ड्राइवर की मौत; मुआवजे और नौकरी की मांग पर परिजनों का प्रदर्शन

कोरबा: कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा सड़क हादसा हुआ है। खदान क्षेत्र में दो ट्रेलरों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक वाहन का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें चालक फंस गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे ट्रेलर का चालक भी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।

केबिन में फंसा रहा चालक का शव

हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान रेलिया निवासी विश्व प्रसाद बिट्टू के रूप में हुई है। टक्कर के बाद उनका शव काफी देर तक ट्रेलर के क्षतिग्रस्त केबिन में फंसा रहा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दूसरे ट्रेलर का चालक हादसे में घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल दोनों वाहन नीलकंठ कंपनी के पेटी ठेकेदार PKS कंपनी से जुड़े हुए हैं। घटना के बाद खदान क्षेत्र में वाहनों के संचालन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पर्याप्त पालन नहीं होने के कारण इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक चालक के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए खदान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। परिजन मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार देने की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ मामला

हादसे की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या खदान क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।

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