सुबह उठते ही कमर-गर्दन में रहती है अकड़न? रोज करें ये 5 आसान योगासन, शरीर रहेगा एक्टिव

Lifestyle Desk: सुबह बिस्तर से उठते ही अगर कमर, गर्दन, कंधे या पैरों में खिंचाव और जकड़न महसूस होती है, तो आप अकेले नहीं हैं। लंबे समय तक एक ही पोश्चर में सोना, दिनभर कम शारीरिक गतिविधि करना या बैठने-उठने का गलत तरीका शरीर में अकड़न की वजह बन सकता है।
ऐसी स्थिति में सुबह उठकर तुरंत तेज एक्सरसाइज करने के बजाय कुछ मिनट हल्की स्ट्रेचिंग और योग करना बेहतर विकल्प हो सकता है। कुछ आसान योगासन शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव करने और मांसपेशियों में लचीलापन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 आसान आसनों के बारे में।

1. बालासन
बालासन को शरीर को रिलैक्स करने वाले योगासनों में गिना जाता है। यह पीठ, कमर और कंधों के आसपास हल्का खिंचाव देने में मदद कर सकता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी यह उपयोगी हो सकता है।
बालासन करने का तरीका
- सबसे पहले मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
- अब शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाएं।
- माथे को जमीन से टिकाएं।
- हाथों को सामने की तरफ फैलाएं या शरीर के पास रखें।
- सामान्य रूप से सांस लेते हुए करीब 20-30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
- इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
2. सेतुबंधासन
सुबह कमर और कूल्हों में जकड़न महसूस होने पर सेतुबंधासन किया जा सकता है। यह कूल्हों, जांघों और पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है।
कैसे करें?
- पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं।
- घुटनों को मोड़कर दोनों पैरों को जमीन पर रखें।
- हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें।
- सांस लेते हुए कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
- कुछ सेकंड इसी स्थिति में रुकें।
- अब सांस छोड़ते हुए शरीर को वापस नीचे लाएं।
- इसे करीब 5-8 बार दोहराया जा सकता है।
3. मार्जरी आसन
मार्जरी आसन रीढ़ की हड्डी को हल्की और नियंत्रित गति देने वाला आसन है। सुबह के समय इसे करने से पीठ और कमर में लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
करने का तरीका
- हाथों और घुटनों के सहारे मैट पर आ जाएं।
- हथेलियां कंधों के ठीक नीचे और घुटने कूल्हों के नीचे रखें।
- सांस लेते हुए पेट को थोड़ा नीचे करें और सिर को सहज रूप से ऊपर उठाएं।
- अब सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठोड़ी को छाती की तरफ लाएं।
- इस मूवमेंट को बिना जल्दबाजी के 8-10 बार करें।
4. पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन पेट और कमर के आसपास हल्का स्ट्रेच देने में मदद कर सकता है। सुबह शरीर में भारीपन महसूस होने पर इसे अपनी रूटीन में शामिल किया जा सकता है।
कैसे करें?
- पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
- एक या दोनों पैरों के घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं।
- हाथों से घुटनों को हल्के से पकड़ें।
- कुछ सेकंड तक आराम से इसी स्थिति में रहें।
- सांस सामान्य रखें और फिर धीरे-धीरे पैरों को सीधा कर लें।
5. सुप्त पादांगुष्ठासन
अगर सुबह पैरों के पिछले हिस्से में खिंचाव या हैमस्ट्रिंग में जकड़न रहती है, तो सुप्त पादांगुष्ठासन किया जा सकता है। यह पैरों और कूल्हों के आसपास लचीलापन बनाए रखने में मदद कर सकता है।
ऐसे करें अभ्यास
- पीठ के बल आराम से लेट जाएं।
- एक पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
- हाथ से जांघ या पिंडली को सहारा दें।
- जरूरत पड़ने पर योग स्ट्रैप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पैर को जबरदस्ती सीधा करने की कोशिश न करें।
- 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर पैर नीचे कर लें।
- दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
योग करते समय जल्दबाजी न करें
सुबह शरीर लंबे समय तक आराम की स्थिति में रहने के बाद एक्टिव होता है। इसलिए उठते ही शरीर को जोर से स्ट्रेच करने या झटके देने से बचें। शुरुआत हमेशा हल्के मूवमेंट से करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही आसनों का अभ्यास करें।
अगर किसी आसन को करते समय दर्द, चक्कर या ज्यादा असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। वहीं, अगर कमर दर्द लगातार बना रहता है या पैरों में झनझनाहट, कमजोरी अथवा तेज जकड़न जैसी समस्या है, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।



