PM मोदी की मौजूदगी में CM साय रखेंगे जल-विमर्श का समाहार, दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री; ‘5 प्रतिशत मॉडल’ और ‘मोर गांव, मोर पानी’ पर होगी चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में देशभर में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर चल रहे प्रयासों पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ सत्र के समापन की जिम्मेदारी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है।
समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी रहेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस दौरान देशभर में ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत हुए विचार-विमर्श और अनुभवों का समाहार प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री के संबोधन में जल संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ में किए जा रहे नवाचारों और राज्य की योजनाओं को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

‘कैच द रेन’ अभियान के समापन सत्र की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को
राष्ट्रीय सम्मेलन में जल संरक्षण, वर्षा जल के संचयन और पानी के बेहतर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों, राज्यों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श होगा।
इसी क्रम में ‘कैच द रेन’ सत्र के समापन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिलना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री साय समापन सत्र में सम्मेलन के दौरान सामने आए प्रमुख विचारों, सुझावों और अनुभवों को समेटते हुए देश के सामने रखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले इस सत्र में छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल और राज्य में चल रहे अभियानों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
‘5 प्रतिशत मॉडल’ पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ के ‘5 प्रतिशत मॉडल’ को लेकर भी चर्चा होगी। जल संरक्षण और जल संचयन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस तरह के मॉडल महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय राष्ट्रीय मंच से छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों और उनके संभावित प्रभावों की जानकारी साझा करेंगे। इसका उद्देश्य राज्य में अपनाए जा रहे स्थानीय जल प्रबंधन के तरीकों को व्यापक स्तर पर सामने लाना है।
‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान भी रहेगा चर्चा में
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे में छत्तीसगढ़ के ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इस अभियान का फोकस गांवों में जल संरक्षण और पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में स्थानीय स्तर पर प्रयासों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा हो सकती है।
जल संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ की पहल राष्ट्रीय मंच पर
छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का यह महत्वपूर्ण अवसर होगा। मुख्यमंत्री साय के माध्यम से राज्य सरकार अपनी योजनाओं और अभियानों की जानकारी देश के अन्य राज्यों के साथ साझा करेगी।
‘कैच द रेन’ जैसे राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य वर्षा जल को अधिक से अधिक संरक्षित करना और जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए लोगों तथा संस्थाओं को जागरूक करना है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभियानों को इस राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ना राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PM मोदी की मौजूदगी में CM साय रखेंगे समापन वक्तव्य
राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देशभर में ‘कैच द रेन’ अभियान को लेकर हुए विचार-विमर्श का समाहार प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री के संबोधन में जल संरक्षण को लेकर सामने आए प्रमुख सुझावों के साथ छत्तीसगढ़ के अनुभव और मॉडल भी शामिल रहेंगे। इससे राज्य को राष्ट्रीय जल मंच पर अपनी पहल और कार्यप्रणाली प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा दोहरा गौरव
इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए दोहरा गौरव माना जा रहा है। एक ओर राष्ट्रीय स्तर के जल शक्ति मंत्रालय के सम्मेलन में राज्य की भागीदारी होगी, वहीं दूसरी ओर ‘कैच द रेन’ सत्र के समापन की जिम्मेदारी भी छत्तीसगढ़ को मिली है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मुख्यमंत्री साय द्वारा समापन सत्र में जल-विमर्श का समाहार प्रस्तुत किया जाना राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस दौरान ‘5 प्रतिशत मॉडल’ और ‘मोर गांव, मोर पानी’ जैसे अभियानों के जरिए छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण संबंधी सोच और प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर रखने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



