दुर्ग केंद्रीय जेल में प्रदेश की पहली ओपन जेल शुरू, 9 बंदियों को मिलेगी बाहर काम करने की अनुमति

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में प्रदेश की पहली ओपन जेल की शुरुआत दुर्ग केंद्रीय जेल में हो गई है। डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने ओपन जेल का औपचारिक शुभारंभ किया। करीब 2406 बंदियों वाली दुर्ग केंद्रीय जेल में फिलहाल ओपन जेल के तहत 30 बंदियों के रहने की व्यवस्था की गई है।

शुरुआत में अच्छे आचरण और निर्धारित पात्रता के आधार पर 9 बंदियों को जेल से बाहर जाकर निर्धारित काम करने की अनुमति दी जाएगी। ओपन जेल में रहने वाले पात्र बंदियों को सुबह काम के लिए जेल से बाहर जाने और शाम 6 बजे तक वापस जेल लौटने की अनिवार्यता होगी।
बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
ओपन जेल शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बंदियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना और उन्हें धीरे-धीरे समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत पात्र बंदियों को काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे जेल से बाहर रहते हुए भी निर्धारित नियमों और जिम्मेदारियों का पालन करना सीख सकें।
मौजूदा अधोसंरचना का किया गया इस्तेमाल
इस ओपन जेल के लिए अलग से कोई नया परिसर तैयार नहीं किया गया है। केंद्रीय जेल की मौजूदा अधोसंरचना का ही इस्तेमाल करते हुए ओपन जेल की व्यवस्था शुरू की गई है।
जेल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल 30 बंदियों के लिए व्यवस्था की गई है, जबकि प्रारंभिक चरण में पात्रता और अच्छे आचरण के आधार पर 9 बंदियों को बाहर जाकर काम करने की अनुमति दी जाएगी।



