ऑटोमोबाइलटेक्नोलॉजी

ऑटो सेक्टर के लिए बड़ी खबर, चीनी निवेश वाली कंपनियों के PLI आवेदनों पर विचार कर सकती है सरकार

नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल सेक्टर में चीनी निवेश वाली कंपनियों से जुड़े लंबित PLI (Production Linked Incentive) आवेदनों को लेकर केंद्र सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन मौजूदा आवेदनों को FDI की मंजूरी मिल चुकी है, सरकार उनके PLI लाभ के लिए पात्रता पर विचार कर सकती है।

इस संभावित फैसले से JSW MG Motor India और Tata AutoComp Systems की चीनी कंपनियों के साथ साझेदारी वाली कुछ इकाइयों को फायदा मिलने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से फिलहाल PLI योजना के तहत नए आवेदन आमंत्रित करने के लिए कोई नई विंडो खोलने की बात नहीं कही गई है।

Tata AutoComp और MG Motor के आवेदन पर नजर

रिपोर्ट के मुताबिक, Tata AutoComp Systems की चीनी कंपनियों के साथ दो साझेदारियां इस प्रक्रिया से प्रभावित हो सकती हैं। इनमें TACO Prestolite, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एडवांस्ड इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन और ट्रैक्शन मोटर्स से जुड़ी है, तथा TACO Air International, जो ऑटोमोबाइल एयर-कंडीशनिंग सिस्टम से संबंधित है, शामिल हैं।

वहीं JSW MG Motor India, जो JSW Group और चीन की SAIC Motor की संयुक्त कंपनी है, के मौजूदा PLI आवेदन पर भी विचार किए जाने की संभावना है।

PLI योजना का क्या है उद्देश्य?

ऑटो PLI योजना का उद्देश्य भारत में एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों का घरेलू निर्माण बढ़ाना और ऑटो सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करना है। योजना का कुल बजटीय प्रावधान ₹25,938 करोड़ है। सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक योजना के तहत ₹44,326 करोड़ का निवेश और 67,820 रोजगार दर्ज किए गए हैं।

PLI का लाभ लेने के लिए योजना के तहत निर्धारित शर्तों में कम से कम 50 प्रतिशत Domestic Value Addition (DVA) की आवश्यकता भी शामिल है।

अभी अंतिम मंजूरी का इंतजार

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकार FDI मंजूरी प्राप्त मौजूदा PLI आवेदनों पर विचार करने की तैयारी में है। इसलिए इसे अभी अंतिम PLI मंजूरी के रूप में नहीं देखा जा सकता। अंतिम निर्णय और पात्रता संबंधित सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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