
गरियाबंद में मां-बेटे गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार, कार से 18 किलो गांजा जब्त; पुलिस ने 12 लाख से ज्यादा का माल पकड़ा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद करने के साथ उसे ले जाने में इस्तेमाल किए जा रहे इको वाहन और एक मोबाइल फोन को भी जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 9 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। वहीं, वाहन और मोबाइल फोन सहित जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 12 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई खुंटगांव चेकपोस्ट के पास की गई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाने की योजना थी।

खुंटगांव चेकपोस्ट के पास पुलिस की कार्रवाई
मामला गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने खुंटगांव चेकपोस्ट के पास जांच के दौरान इको वाहन क्रमांक CG 25 N 8089 से गांजा बरामद किया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 18 किलो 100 ग्राम गांजा मिला।
इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस जब्त सामग्री की कीमत के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए चेकपोस्ट पर की जाने वाली जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मामले में भी पुलिस की कार्रवाई के बाद गांजे के स्रोत और उसकी आपूर्ति से जुड़े संभावित संपर्कों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा होगा।
गांजा तस्करी के आरोप में मां और बेटा गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान डिंडेश्वर पांडे, पिता नंद किशोर पांडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी रतनपुर और सीता पांडे, पति नंद किशोर पांडे, निवासी कलमी तर रानी गांव के रूप में बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों को गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से गांजा बरामद होने के बाद वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
हालांकि, गांजा कहां से खरीदा गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
18 किलो गांजा और वाहन सहित 12.05 लाख रुपये का माल जब्त
पुलिस की इस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- गांजा: 18 किलो 100 ग्राम
- गांजे की अनुमानित कीमत: 9 लाख 5 हजार रुपये
- वाहन: इको, क्रमांक CG 25 N 8089
- अन्य जब्ती: एक मोबाइल फोन
- कुल जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत: 12 लाख 5 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, गांजे के अलावा वाहन और मोबाइल फोन की जब्ती भी मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तस्करी के संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है।
कहां से आया गांजा, कहां होनी थी सप्लाई? जांच जारी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने गांजे के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि गांजा किस क्षेत्र से लाया गया था और इसे छत्तीसगढ़ में कहां पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे या यह परिवहन किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर किया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी अन्य आरोपी या नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
गरियाबंद पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों के परिवहन पर रोक लगाने के प्रयासों के बीच सामने आई है। चेकपोस्ट पर की गई जांच के दौरान गांजा बरामद होने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस की जांच पूरी होने पर गांजे की आपूर्ति, परिवहन और संभावित अन्य संपर्कों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस मामले में मां और बेटे को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने तथा 18 किलो 100 ग्राम गांजा सहित करीब 12.05 लाख रुपये की सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद करने के साथ उसे ले जाने में इस्तेमाल किए जा रहे इको वाहन और एक मोबाइल फोन को भी जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 9 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। वहीं, वाहन और मोबाइल फोन सहित जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 12 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई खुंटगांव चेकपोस्ट के पास की गई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाने की योजना थी।
खुंटगांव चेकपोस्ट के पास पुलिस की कार्रवाई
मामला गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने खुंटगांव चेकपोस्ट के पास जांच के दौरान इको वाहन क्रमांक CG 25 N 8089 से गांजा बरामद किया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 18 किलो 100 ग्राम गांजा मिला।
इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस जब्त सामग्री की कीमत के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए चेकपोस्ट पर की जाने वाली जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस मामले में भी पुलिस की कार्रवाई के बाद गांजे के स्रोत और उसकी आपूर्ति से जुड़े संभावित संपर्कों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा होगा।
गांजा तस्करी के आरोप में मां और बेटा गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान डिंडेश्वर पांडे, पिता नंद किशोर पांडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी रतनपुर और सीता पांडे, पति नंद किशोर पांडे, निवासी कलमी तर रानी गांव के रूप में बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों को गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से गांजा बरामद होने के बाद वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
हालांकि, गांजा कहां से खरीदा गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
18 किलो गांजा और वाहन सहित 12.05 लाख रुपये का माल जब्त
पुलिस की इस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- गांजा: 18 किलो 100 ग्राम
- गांजे की अनुमानित कीमत: 9 लाख 5 हजार रुपये
- वाहन: इको, क्रमांक CG 25 N 8089
- अन्य जब्ती: एक मोबाइल फोन
- कुल जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत: 12 लाख 5 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, गांजे के अलावा वाहन और मोबाइल फोन की जब्ती भी मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तस्करी के संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा सकती है।
कहां से आया गांजा, कहां होनी थी सप्लाई? जांच जारी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने गांजे के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि गांजा किस क्षेत्र से लाया गया था और इसे छत्तीसगढ़ में कहां पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे या यह परिवहन किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर किया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी अन्य आरोपी या नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
गरियाबंद पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों के परिवहन पर रोक लगाने के प्रयासों के बीच सामने आई है। चेकपोस्ट पर की गई जांच के दौरान गांजा बरामद होने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस की जांच पूरी होने पर गांजे की आपूर्ति, परिवहन और संभावित अन्य संपर्कों से जुड़ी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस मामले में मां और बेटे को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने तथा 18 किलो 100 ग्राम गांजा सहित करीब 12.05 लाख रुपये की सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।



