
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस (मानसून) सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से आज कार्यमंत्रणा समिति (Business Advisory Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक विधानसभा परिसर के समिति कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया तथा पावस सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही, विभिन्न सरकारी कार्यों और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए समय निर्धारण सहित अन्य संसदीय विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. रमन सिंह ने की बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। उन्होंने सदन की कार्यवाही को सुचारु, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।

कार्यमंत्रणा समिति का उद्देश्य सदन में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए समय का उचित निर्धारण करना और यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित सरकार और विपक्ष के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
बैठक में शामिल प्रमुख जनप्रतिनिधि—
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत
- उपमुख्यमंत्री अरुण साव
- संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप
- कृषि मंत्री रामविचार नेताम
- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
- कार्यमंत्रणा समिति के अन्य सदस्य
इन सभी ने पावस सत्र की कार्यवाही को लेकर अपने सुझाव और विचार साझा किए।
क्या होती है कार्यमंत्रणा समिति?
कार्यमंत्रणा समिति विधानसभा की एक महत्वपूर्ण समिति होती है, जिसका मुख्य कार्य सदन के कामकाज की रूपरेखा तय करना होता है।
यह समिति—
- सदन की कार्यवाही का समय निर्धारित करती है।
- सरकारी विधेयकों पर चर्चा के लिए समय तय करती है।
- विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा की अवधि निर्धारित करती है।
- प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य संसदीय कार्यों के संचालन की रूपरेखा तैयार करती है।
- सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कार्य संचालन को लेकर समन्वय स्थापित करती है।
इससे विधानसभा की कार्यवाही अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित हो पाती है।
पावस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा
पावस सत्र के दौरान राज्य सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और विधायी कार्यों को सदन में प्रस्तुत कर सकती है। वहीं विपक्ष भी जनहित के मुद्दों, विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
ऐसे में कार्यमंत्रणा समिति की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यही समिति तय करती है कि किस विषय पर कितनी अवधि तक चर्चा होगी।
संसदीय परंपराओं के अनुरूप संचालन पर जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विधानसभा की कार्यवाही संसदीय परंपराओं के अनुरूप शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण वातावरण में संचालित हो, ताकि जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके और सदन का समय प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सके।
विधानसभा के सुचारु संचालन की दिशा में अहम बैठक
कार्यमंत्रणा समिति की यह बैठक पावस सत्र की कार्यवाही को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रिपरिषद के वरिष्ठ सदस्यों और समिति के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक के माध्यम से आगामी दिनों की विधानसभा कार्यवाही की रूपरेखा पर विचार किया गया, जिससे सदन में विधायी और जनहित से जुड़े कार्य सुचारु रूप से संपन्न कराए जा सकें।



