
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष के पद से लेकर नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी तक, पार्टी के भीतर नए समीकरणों की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान देकर साफ कर दिया है कि पार्टी में फैसले का अंतिम अधिकार केवल हाईकमान के पास है।

मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में कौन प्रदेश अध्यक्ष बनेगा और किसे नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, यह पूरी तरह पार्टी नेतृत्व तय करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और यहां सभी निर्णय हाईकमान की सहमति से लिए जाते हैं।
दरअसल, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाएं लगातार चल रही हैं। पार्टी के कई नेताओं के नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सामने आ रहे हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी अंदरखाने मंथन जारी बताया जा रहा है। ऐसे समय में भूपेश बघेल का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी चुनावों और संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश स्तर पर बड़े बदलाव कर सकती है। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे सामने लाना चाहता है जो कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के साथ-साथ भाजपा के खिलाफ मजबूत रणनीति तैयार कर सकें।
हालांकि भूपेश बघेल ने किसी नाम पर खुलकर टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके बयान से यह संकेत जरूर मिला कि प्रदेश कांग्रेस में आने वाले दिनों में कुछ बड़े फैसले हो सकते हैं। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है कि आखिर प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।



