छत्तीसगढ़

आशीर्वाद का दीया’ बना विश्व रिकॉर्ड का साक्षी, छत्तीसगढ़ में जले 1.50 करोड़ से अधिक दीप

रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों से जगमगाया आयोजन, प्रदेशभर की जनभागीदारी ने रचा नया अध्याय; ‘आशीर्वाद का दीया’ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज

रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम व्यापक जनभागीदारी का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों की रोशनी से सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का संदेश दिया गया।

इस व्यापक स्तर पर आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। आयोजन की यह उपलब्धि प्रदेश में हुई व्यापक जनभागीदारी से जुड़ी रही, जिसमें गांवों से लेकर शहरों तक विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया।

रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों की रोशनी

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का मुख्य आयोजन रायपुर में हुआ। यहां 25 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन किया गया। बड़ी संख्या में जलाए गए दीपों से कार्यक्रम स्थल रोशनी से जगमगा उठा और आयोजन ने व्यापक स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

मुख्य कार्यक्रम के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन में सहभागिता की। इस तरह रायपुर के मुख्य कार्यक्रम से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक दीपों की श्रृंखला दिखाई दी।

प्रदेशभर में जले 1.50 करोड़ से अधिक दीप

आयोजन का दायरा केवल राजधानी रायपुर तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांवों और शहरों में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाने के साथ आयोजन ने व्यापक जनभागीदारी का रूप लिया। दीपों की रोशनी के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति आभार की भावना व्यक्त की गई।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए आयोजन का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि कार्यक्रम में शामिल लोगों की सामूहिक भागीदारी से जुड़ी हुई है।

आयोजन के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को एक साझा कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया गया। रायपुर में 25 लाख से अधिक और प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से अधिक दीपों का प्रज्वलन इस कार्यक्रम की व्यापकता को दर्शाता है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया जनभागीदारी का प्रतीक

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने ‘आशीर्वाद का दीया’ को छत्तीसगढ़ की जनता की व्यापक सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशवासियों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ भागीदारी की।

श्री चौधरी ने कहा कि रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन और प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों का जलना छत्तीसगढ़ की जनता की भागीदारी की व्यापकता को दर्शाता है। उनके अनुसार यह आयोजन केवल दीप प्रज्वलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना के प्रति जनसहभागिता का सामूहिक उत्सव बना।

गांव से शहर तक लोगों ने निभाई भागीदारी

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों की सहभागिता रही। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने दीप जलाकर आयोजन का हिस्सा बनने की पहल की। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इसमें भागीदारी की।

इस व्यापक सहभागिता ने कार्यक्रम को राज्यव्यापी स्वरूप दिया। अलग-अलग स्थानों पर प्रज्वलित किए गए दीपों के माध्यम से एक साझा संदेश और भावना को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया।

विकसित भारत के संकल्प से जुड़ी भावना

आयोजन के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी अभिव्यक्ति दी गई।

दीप प्रज्वलन को सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना से जोड़ा गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने दीपों के माध्यम से सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया और राज्य के विकास में अपनी भागीदारी की भावना व्यक्त की।

सामूहिक सहभागिता बनी आयोजन की पहचान

‘आशीर्वाद का दीया’ की खासियत इसका व्यापक जनसहभागिता वाला स्वरूप रहा। एक ही आयोजन से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने के प्रयास ने इसे बड़े स्तर का कार्यक्रम बनाया।

रायपुर में लाखों दीपों के प्रज्वलन से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकों की सहभागिता तक, आयोजन में सामूहिक भागीदारी दिखाई दी। इसी व्यापक सहभागिता को कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता के रूप में देखा गया।

छत्तीसगढ़ की जनता के नाम उपलब्धि

‘आशीर्वाद का दीया’ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होना आयोजन से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इसे छत्तीसगढ़वासियों की सहभागिता और उत्साह का प्रमाण बताया।

इस आयोजन ने दीपों की रोशनी के माध्यम से एक साझा संदेश को सामने रखा। करोड़ों दीपों के प्रज्वलन के साथ सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और विकसित छत्तीसगढ़ की भावना को अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया गया।

इस तरह ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर लोगों की भागीदारी वाला आयोजन बना, जिसका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने के साथ यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की सामूहिक सहभागिता से जुड़ी एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया।

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