
NEET छात्रों की आवाज़ उठाने वाले विनोद जाखड़ को ही परेशान किया जा रहा है।
अगर कोई छात्र और युवाओं के हक की बात करता है, तो क्या उसे दबा दिया जाएगा?

हेमंत बिस्वा सरकार से सवाल पूछना गलत नहीं है।
जो इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है, आज उसे ही निशाना बनाया जा रहा है।
अगर ज़मीन पर साथ नहीं दे सकते, तो कम से कम इस आवाज़ को पूरे देश तक पहुँचाने में मदद करो।
एक रीट्वीट भी कई छात्रों की उम्मीद बन सकता है।
चुप मत रहो… क्योंकि आज आवाज़ उनकी दबेगी, कल किसी और की।



