बिलासपुर

ऑनलाइन गेम से डिप्रेशन में आया किशोर, दे दी जान ,पुलिस कर रही जांच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक किशोर ने ऑनलाइन गेम की लत के चलते मानसिक दबाव में आत्महत्या कर ली. किशोर कई महीनों से यह गेम खेल रहा था और अवसाद में आ गया था. घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. एडिशनल एसपी अर्चना झा के अनुसार, गेमिंग की लत के कारण बालक ने यह कदम उठाया.

जानिए पूरा मामला?

दरअसल, ऑनलाइन गेम के चलते 16 वर्षीय बालक ने आत्महत्या कर ली. कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम करही कछार निवासी 16 वर्षीय naga788 बालक ने घर से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मिली जानकारी के अनुसार, वह कई महीनों से ऑनलाइन गेम खेल रहा था, जिससे मानसिक दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया. पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

डिप्रेसन में आकर ऐसा कदम उठाया 

मिली जानकारी के अनुसार, छात्र कई महीनों से ऑनलाइन गेमिंग में लिप्त था. मृतक रवि कुमार तिर्की, 16 वर्ष का, करही कछार का निवासी था, जो मध्यम वर्गीय परिवार से था. वहऑनलाइन गेम खेलता था, जिसके कारण वह अवसाद में चला गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. एडिशनल एसपी अर्चना झा के अनुसार, उसकी मानसिक स्थिति पर गेमिंग का गहरा प्रभाव पड़ा था. पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

वहीं, सिम्स मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के के नायक ने बताया कि अत्यधिक गेमिंग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है. माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को पर्याप्त समय दें और गेमिंग की लत छुड़ाने के लिए सकारात्मक बातचीत करें. विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को गेमिंग से पूरी तरह रोकने की बजाय, उनके साथ खुली और स्वस्थ चर्चा करना अधिक प्रभावी होता है. अत्यधिक गेमिंग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. जबकि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की सीमा तय करना महत्वपूर्ण है, बच्चों को वीडियो गेम के स्वास्थ्य लाभ और नुकसान दोनों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए.

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