
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार साइबर ठगों ने एक शिक्षिका को अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 76,500 रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता को जब अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब उसने साइबर पोर्टल और पुलिस से शिकायत की। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शिक्षिका के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो देखे गए हैं और इस संबंध में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। ठग ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हुए कहा कि यदि वह बताए गए खाते में पैसे जमा कर दें तो मामला खत्म कर दिया जाएगा।
धमकियों और कानूनी कार्रवाई के डर से घबराई शिक्षिका ने ठग के बताए अनुसार अलग-अलग किस्तों में कुल 76,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद भी ठग लगातार और रकम की मांग करने लगा। तब शिक्षिका को शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं।
इसके बाद पीड़िता ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए 28,993 रुपये की राशि होल्ड करा दी गई, जिससे उस रकम के आगे ट्रांसफर होने पर रोक लग गई। शेष राशि की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अश्लील वीडियो, डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest), एफआईआर, सीबीआई, पुलिस या अन्य जांच एजेंसी का नाम लेकर डराया जाए और पैसे की मांग की जाए, तो ऐसे झांसे में न आएं। किसी भी स्थिति में अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।



