संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr में अब बिना लाइसेंस नहीं बजेगा कॉपीराइट वाला म्यूजिक, बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा आदेश…

मुंबई/पुणे। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त से जुड़े पुणे के चर्चित लग्जरी नाइटक्लब ‘Ballr’ को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने क्लब में बिना वैध लाइसेंस के कॉपीराइट वाले म्यूजिक को सार्वजनिक रूप से बजाने या इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश म्यूजिक लाइसेंसिंग संस्था फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

PPL इंडिया ने क्या आरोप लगाया?
PPL इंडिया का आरोप था कि पुणे के कल्याणी नगर स्थित Ballr क्लब में उसके कॉपीराइट कलेक्शन में शामिल गानों को जरूरी अनुमति के बिना सार्वजनिक तौर पर बजाया जा रहा था। PPL के मुताबिक, उसके एक प्रतिनिधि ने जून में क्लब का दौरा किया था। इस दौरान वहां कई लोकप्रिय हिंदी और इंटरनेशनल गाने बजते मिले।
रिपोर्ट के अनुसार, क्लब में ‘बदतमीज दिल’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’, ‘दस बहाने’ और ‘मौजा ही मौजा’ जैसे गाने बजाए जा रहे थे। इसके अलावा जस्टिन बीबर का ‘What Do You Mean?’ और दुआ लीपा का ‘Levitating’ जैसे इंटरनेशनल ट्रैक भी क्लब में सुनाई दिए।
पहले लिया था लाइसेंस, लेकिन हो गया एक्सपायर
सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण बात सामने आई कि Ballr ने पहले PPL इंडिया से म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस लिया था। हालांकि, यह लाइसेंस बाद में एक्सपायर हो गया और कथित तौर पर इसे समय पर रिन्यू नहीं कराया गया।
यही वजह है कि PPL ने कोर्ट का रुख किया और क्लब में अपने कॉपीराइट वाले म्यूजिक के कथित अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की।
कोर्ट ने क्लब मालिकों को क्या आदेश दिया?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश में Ballr के मालिकों को निर्देश दिया कि वे PPL के कॉपीराइट वाले साउंड रिकॉर्डिंग्स को बिना वैध नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के सार्वजनिक तौर पर न बजाएं और न ही उनका इस्तेमाल/प्रसारण करें।
इसका सीधा मतलब यह है कि क्लब में डांस फ्लोर, पार्टी या किसी अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसे म्यूजिक को बजाने के लिए संबंधित कॉपीराइट और लाइसेंसिंग नियमों का पालन करना होगा।
PPL इंडिया क्या करती है?
PPL इंडिया देश की प्रमुख म्यूजिक लाइसेंसिंग संस्थाओं में से एक है। यह विभिन्न म्यूजिक लेबल्स की ओर से साउंड रिकॉर्डिंग के पब्लिक परफॉर्मेंस और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए लाइसेंस उपलब्ध कराती है।
नाइटक्लब, होटल, रेस्टोरेंट, पब और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों के मनोरंजन के लिए कॉपीराइटेड म्यूजिक बजाया जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारधारकों की शर्तों के अनुसार लाइसेंस लेना जरूरी हो सकता है।
PPL के वकील ने क्या कहा?
कोर्ट के आदेश के बाद PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था ऐसे मामलों की निगरानी जारी रखेगी, जहां कॉपीराइट वाले कंटेंट का इस्तेमाल बिना उचित अनुमति के किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संस्था कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
उनके मुताबिक, कोर्ट का अंतरिम आदेश उन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है जो बिना उचित लाइसेंस के कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल करते हैं।
संजय दत्त की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले में संजय दत्त की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स में संजय दत्त और हेरंब शेलके को Ballr से जुड़े मालिकों के तौर पर बताया गया है।
पुणे का Ballr कल्याणी नगर इलाके में स्थित एक लग्जरी नाइटलाइफ डेस्टिनेशन के रूप में जाना जाता है। बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश फिलहाल अंतरिम आदेश है और मामला आगे की कानूनी कार्यवाही के अधीन है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
सरल शब्दों में समझें तो मामला म्यूजिक बजाने पर रोक लगाने का नहीं, बल्कि बिना उचित कॉपीराइट लाइसेंस के म्यूजिक बजाने का है। क्लब ने पहले PPL से लाइसेंस लिया था, लेकिन उसके एक्सपायर होने के बाद कथित तौर पर उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद PPL ने कोर्ट में याचिका दाखिल की और अब हाई कोर्ट ने वैध लाइसेंस के बिना PPL के कॉपीराइट वाले म्यूजिक के सार्वजनिक इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी है।
यानी Ballr में म्यूजिक पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन PPL के कॉपीराइट कलेक्शन से जुड़े गाने सार्वजनिक रूप से बजाने के लिए वैध लाइसेंस जरूरी होगा।



