
रायपुर। राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित समता रास गरबा उत्सव 2026 ने भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उत्साह के रंगों से पूरे माहौल को सराबोर कर दिया। भैस्थान मैदान में आयोजित इस नौ दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में गरबा प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मां दुर्गा की आराधना, भक्तिमय गीतों, पारंपरिक गरबा और डांडिया की थाप के बीच प्रतिभागियों ने नवरात्र के उत्सव को खास बना दिया। आयोजन में बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और परिवारों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। इस आयोजन में लल्लूराम डॉट कॉम डिजिटल मीडिया पार्टनर रहा।

नौ दिनों तक गरबा की धूम, मां नवदुर्गा की आराधना में झूमे श्रद्धालु
समता रास गरबा उत्सव के दौरान भैस्थान मैदान में हर दिन उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा के भक्तिमय गीतों और भजनों की धुन पर गरबा और डांडिया खेलकर नवरात्र की सांस्कृतिक छटा बिखेरी। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक आभूषण और संगीत की लय के साथ कदम मिलाते प्रतिभागियों ने आयोजन को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
गरबा स्थल पर पूरे नौ दिनों तक प्रसिद्ध गायक सैफ एंड सोहेल की प्रस्तुतियों ने भी उत्सव का उत्साह बनाए रखा। भक्तिमय संगीत के बीच प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से गरबा किया और मां नवदुर्गा की आराधना में हिस्सा लिया। उत्सव में शामिल होने वाले लोगों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ परिवार और समाज के लोगों से जुड़ने का भी अवसर बना।
समता कॉलोनी रास गरबा समिति की ओर से आयोजन को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। गरबा स्थल की सजावट, सांस्कृतिक वातावरण और प्रतिभागियों की भागीदारी ने उत्सव को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में गरबा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
समता रास गरबा उत्सव में छत्तीसगढ़ के कई गणमान्य नागरिकों ने अतिथि के रूप में शिरकत की। उनकी मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति को समर्पित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ भागीदारी निभाई।
आयोजन समिति प्रमुख सुबोध हरितवाल ने बताया कि समता रास गरबा उत्सव का उद्देश्य केवल गरबा और डांडिया का आयोजन करना नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारंपरिक परिधानों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना भी है। नवरात्र जैसे धार्मिक पर्व पर इस प्रकार के आयोजन लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराते हैं, जहां वे अपनी परंपराओं से जुड़ने के साथ सामूहिक उत्सव का आनंद ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक आयोजित इस उत्सव में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। समिति की ओर से हर दिन चयनित प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार देकर प्रोत्साहित भी किया गया। इससे प्रतिभागियों में उत्साह बना रहा और आयोजन में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
महानवमी पर होगा भव्य समापन, 250 से अधिक पुरस्कार किए जाएंगे वितरित
समता रास गरबा उत्सव 2026 का अंतिम दिन प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण लेकर आया है। सोमवार को महानवमी के अवसर पर उत्सव का समापन किया जाएगा। इस दौरान आयोजन समिति की ओर से 250 से अधिक आकर्षक पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। पुरस्कारों की घोषणा और वितरण को लेकर गरबा प्रेमियों में खासा उत्साह है।
समिति ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक उपहारों की व्यवस्था की है। इनमें प्रथम पुरस्कार के रूप में होंडा एक्टिवा, जेंट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक बाइक, बेस्ट कपल्स के लिए डायमंड रिंग, एलईडी टीवी और 31 हजार रुपये की पुरस्कार राशि सहित अनेक उपहार शामिल हैं।
नौ दिनों तक गरबा में अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और उत्साह का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए अंतिम दिन विशेष महत्व रखता है। पुरस्कार वितरण के माध्यम से समिति का प्रयास है कि प्रतिभागियों की भागीदारी को सम्मानित किया जाए और भविष्य में भी उन्हें पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
समापन समारोह में पुरस्कारों के साथ-साथ नवरात्र के उत्साह और सामूहिक भागीदारी की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन से जुड़े लोगों के लिए यह अवसर नौ दिनों की मेहनत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और श्रद्धालुओं के उत्साह का उत्सव मनाने का भी होगा।
भक्ति के साथ भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा
समता कॉलोनी रास गरबा समिति के आयोजन प्रमुख सुबोध हरितवाल के अनुसार, समता रास गरबा उत्सव का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाना है। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये सामूहिकता, सहभागिता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ आयोजित यह उत्सव बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों को एक साझा मंच प्रदान करता है। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
समिति की ओर से उत्सव को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गईं। आयोजन स्थल की साज-सज्जा से लेकर प्रतिभागियों के लिए व्यवस्थाएं करने तक विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया गया। प्रदेशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं और गरबा प्रेमियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दिलाई।
आयोजन प्रमुख सुबोध हरितवाल ने उत्सव में शामिल होने वाले सभी नागरिकों, अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाली पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
रायपुर के नवरात्र आयोजनों में बनी खास पहचान
समता रास गरबा उत्सव 2026 के नौ दिवसीय आयोजन ने राजधानी रायपुर में नवरात्र की रौनक को और बढ़ाया। धार्मिक आस्था, पारंपरिक संगीत, रंगीन परिधान और सामूहिक गरबा की प्रस्तुतियों ने उत्सव को यादगार बनाया। हजारों लोगों की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बना हुआ है।
महानवमी पर होने वाला समापन और 250 से अधिक पुरस्कारों का वितरण इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। होंडा एक्टिवा, इलेक्ट्रॉनिक बाइक, डायमंड रिंग, एलईडी टीवी और नकद पुरस्कार जैसे उपहारों ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, समता रास गरबा उत्सव 2026 ने नौ दिनों तक भक्ति, संस्कृति और उल्लास का ऐसा माहौल तैयार किया, जिसमें धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिखाई दिया। मां नवदुर्गा की आराधना के बीच आयोजित यह उत्सव रायपुर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक खास आयोजन के रूप में सामने आया।



