छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज बस्तर दौरे पर, मुरिया दरबार में होंगी शामिल; 2 हजार से अधिक जवान तैनात, ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध

President Droupadi Murmu Bastar Visit: छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपराओं के बीच आज, 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर के दौरे पर रहेंगी। राष्ट्रपति बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण आयोजन मुरिया दरबार में शामिल होंगी और क्षेत्र की जनता को संबोधित करेंगी। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस्तर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जगदलपुर में 2 हजार से अधिक सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एयरपोर्ट, प्रमुख मार्गों, कार्यक्रम स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान गुरुवार को रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुईं। इसके बाद आज वह बस्तर पहुंचेंगी। उनका यह दौरा जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और बस्तर की विशिष्ट ऐतिहासिक विरासत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुरिया दरबार में उनकी उपस्थिति से बस्तर दशहरा की सदियों पुरानी परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।

मुरिया दरबार में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगी। जगदलपुर पहुंचने के बाद वह सबसे पहले मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेंगी। इसके बाद वह बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12:45 बजे सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की सहभागिता प्रस्तावित है। इसके बाद लालबाग मैदान में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में वह आम जनता को संबोधित करेंगी। इस दौरान बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और क्षेत्र की विशिष्ट पहचान से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और मेंबर-मेंबरिन सहित पारंपरिक जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। बस्तर दशहरा में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की सामाजिक व्यवस्था, सामुदायिक सहभागिता और परंपरागत निर्णय प्रक्रिया का भी प्रतीक है।

कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति के दोपहर करीब 1:40 बजे दिल्ली के लिए रवाना होने का कार्यक्रम निर्धारित है।

क्या है मुरिया दरबार, बस्तर दशहरा में क्यों है इसका विशेष महत्व?

बस्तर दशहरा देश के सबसे विशिष्ट और लंबे समय तक चलने वाले पारंपरिक आयोजनों में से एक है। जहां देश के कई हिस्सों में दशहरा भगवान राम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, वहीं बस्तर दशहरा मुख्य रूप से मां दंतेश्वरी की आराधना और स्थानीय जनजातीय परंपराओं से जुड़ा हुआ है।

इस उत्सव में बस्तर संभाग और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में देवी-देवताओं के छत्र, डोली और पारंपरिक प्रतिनिधि शामिल होते हैं। अलग-अलग समुदायों की सहभागिता इस आयोजन को विशिष्ट स्वरूप प्रदान करती है।

मुरिया दरबार बस्तर दशहरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें परंपरागत जनप्रतिनिधि और समुदाय के प्रतिनिधि एकत्र होते हैं। ऐतिहासिक रूप से यह दरबार स्थानीय लोगों की समस्याओं, जनभावनाओं और सामाजिक विषयों को सामने रखने का मंच रहा है। मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और अन्य पारंपरिक प्रतिनिधियों की भागीदारी इस व्यवस्था की विशेष पहचान है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस आयोजन में शामिल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की उपस्थिति बस्तर की जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच देखने को मिलेगी।

लालबाग मैदान में तैयारियां पूरी, मंत्री केदार कश्यप ने किया निरीक्षण

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जगदलपुर में कार्यक्रम स्थलों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को लालबाग मैदान पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों के लिए निर्धारित दीर्घा और आम नागरिकों की सुविधाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात नियंत्रण, प्रवेश और निकास मार्गों तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

इस दौरान जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पाण्डे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है, ताकि राष्ट्रपति का दौरा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराया जा सके।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर बस्तर हाई अलर्ट पर, 2 हजार से अधिक जवान तैनात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जगदलपुर दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर, सिरहासार भवन और लालबाग मैदान तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

राष्ट्रपति के आगमन और कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ही निर्धारित मार्गों पर आवाजाही को नियंत्रित करने की तैयारी की गई है।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो और आम नागरिकों को भी यथासंभव सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।

जगदलपुर में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध, जानें समय और क्षेत्र

राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों को नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया है। इसका उद्देश्य हवाई निगरानी और वीवीआईपी सुरक्षा से संबंधित जोखिमों को नियंत्रित करना है।

प्रशासन की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार:

  • जगदलपुर एयरपोर्ट के 25 किलोमीटर के दायरे में: 23 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
  • सिरहासार भवन और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के 3 किलोमीटर के दायरे में: सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।

इन प्रतिबंधों के दौरान संबंधित क्षेत्रों में ड्रोन संचालन से बचना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की विशेष अनुमति या छूट के संबंध में संबंधित प्रशासनिक आदेशों का पालन करना होगा।

ड्रोन प्रतिबंध के साथ ही कार्यक्रम स्थलों के आसपास सुरक्षा जांच और यातायात नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बस्तर की लोकसंस्कृति के अनुरूप होगा राष्ट्रपति का स्वागत

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए जगदलपुर एयरपोर्ट पर बस्तर दशहरा समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। स्वागत कार्यक्रम में बस्तर की लोकसंस्कृति और पारंपरिक प्रतीकों को प्रमुखता देने की तैयारी है।

बस्तर अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं, देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताओं और सामुदायिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। बस्तर दशहरा इन सभी परंपराओं का एक बड़ा मंच है। राष्ट्रपति का इस आयोजन में शामिल होना स्थानीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुरिया दरबार में पारंपरिक प्रतिनिधियों से मुलाकात और सार्वजनिक संबोधन के जरिए राष्ट्रपति को क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर दौरे का पूरा कार्यक्रम

राष्ट्रपति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को उनके प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

  • सुबह 11 बजे: जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना का कार्यक्रम।
  • दोपहर 12:45 बजे: सिरहासार भवन में मुरिया दरबार में सहभागिता तथा बस्तर दशहरा से जुड़े कार्यक्रम।
  • दोपहर: लालबाग मैदान में आम जनता को संबोधित करने का कार्यक्रम।
  • दोपहर 1:40 बजे: दिल्ली के लिए रवाना होने का निर्धारित समय।

कार्यक्रम के समय में प्रशासनिक या सुरक्षा कारणों से बदलाव संभव है। इसलिए अंतिम समय-सारिणी के लिए आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बस्तर के लिए क्यों खास है राष्ट्रपति का यह दौरा?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर दौरा केवल औपचारिक यात्रा तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति, परंपरागत संस्थाओं और ऐतिहासिक आयोजनों के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर भी है।

बस्तर दशहरा स्थानीय समुदायों की व्यापक भागीदारी और देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताओं के कारण देश के अन्य दशहरा आयोजनों से अलग पहचान रखता है। मुरिया दरबार इस उत्सव का ऐसा हिस्सा है, जहां परंपरागत सामाजिक व्यवस्था और सामुदायिक प्रतिनिधित्व की झलक देखने को मिलती है।

राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस परंपरा को विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है। वहीं, जिला प्रशासन के सामने कार्यक्रम को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी है।

कुल मिलाकर, 23 अक्टूबर को जगदलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी बस्तर दशहरा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। मुरिया दरबार में सहभागिता, मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना और लालबाग मैदान में सार्वजनिक संबोधन उनके दौरे के प्रमुख कार्यक्रम हैं। सुरक्षा के लिए 2 हजार से अधिक जवानों की तैनाती और निर्धारित क्षेत्रों में ड्रोन प्रतिबंध के बीच प्रशासन कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारी में जुटा है।


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