“LPG महंगा, ‘छोटू’ सिलेंडर ने तोड़ा रिकॉर्ड: अब पेट्रोल-डीजल पर भी बढ़ोतरी का खतरा”…

LPG की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाली है, और इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात बड़ी वजह माने जा रहे हैं। खासतौर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर दबाव बढ़ गया है।
क्या हुआ है पूरा मामला?
सरकारी तेल कंपनियों ने एक साथ बड़े स्तर पर कीमतों में इजाफा किया है:
- कमर्शियल LPG सिलेंडर: लगभग ₹1000 तक की भारी बढ़ोतरी
- 5 किलो ‘छोटू’ सिलेंडर: ₹261 महंगा
इस बढ़ोतरी के बाद 5 किलो वाला सिलेंडर अब लगभग ₹885.50 का हो गया है, जो 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर (₹913) से सिर्फ ₹31 सस्ता रह गया है। यानी छोटे सिलेंडर का फायदा लगभग खत्म हो गया है।
‘छोटू’ सिलेंडर इतना महंगा क्यों हो गया?
सरकार ने 5 किलो सिलेंडर खास तौर पर गरीब, मजदूर और छात्रों के लिए शुरू किया था, लेकिन अब:
- इसकी प्रति किलो कीमत ~₹176.40 हो गई है
- जबकि घरेलू सिलेंडर की प्रति किलो कीमत ~₹64.29 है
यानि छोटे सिलेंडर का गैस करीब 3 गुना महंगा पड़ रहा है, जो अपने उद्देश्य के बिल्कुल उलट है।
किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर?
इस फैसले का असर खास तौर पर इन वर्गों पर पड़ेगा:
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र
- शहरों में किराए पर रहने वाले कामकाजी लोग
- निर्माण कार्यों में लगे मजदूर
इनके लिए ‘छोटू’ सिलेंडर सस्ता और सुविधाजनक विकल्प था, जो अब महंगा हो गया है।
पेट्रोल-डीजल भी होंगे महंगे?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि:
- वैश्विक बाजार में कीमतें करीब 30% तक बढ़ चुकी हैं
- तेल कंपनियां हर लीटर पर नुकसान झेल रही हैं
ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी ₹25 से ₹28 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
सरकार के लिए चुनौती क्या है?
सरकार के सामने दोहरी चुनौती है:
- आम जनता पर बोझ कम रखना
- तेल कंपनियों के घाटे को नियंत्रित करना
LPG की कीमत बढ़ाकर सरकार ने एक तरह से संकेत दे दिया है कि अब बाकी ईंधनों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
निष्कर्ष
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि भारत की ऊर्जा कीमतें काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर हैं। LPG की कीमतों में यह उछाल केवल शुरुआत हो सकता है—आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आम लोगों के बजट को और प्रभावित कर सकती हैं।



