कंगना रनौत का आलोचकों पर तीखा हमला, बोलीं- ‘आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी और राखी का ज्ञान मैं क्यों सुनूंगी?’

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने आलोचकों पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों की सलाह या टिप्पणी को महत्व नहीं देतीं, जिन्होंने उनकी नजर में उनके जैसी सफलता हासिल नहीं की है।
एक मीडिया इंटरव्यू में कंगना ने आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी पन्नू और राखी सावंत का नाम लेते हुए उनकी टिप्पणियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति उनकी सफलता का एक प्रतिशत भी हासिल नहीं कर पाया है, तो वह ऐसे व्यक्ति का ‘ज्ञान’ क्यों सुनेगी।

कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके कई सार्वजनिक बयानों को लेकर बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर लगातार बहस होती रही है।
‘जो खुद सफल नहीं हुए, उनकी बात क्यों सुनूं?’
कंगना रनौत ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि कई लोग आए दिन उनके बारे में टिप्पणियां करते हैं और उन्हें सलाह देने की कोशिश करते हैं। उनका कहना है कि वह हर व्यक्ति की बात को सिर्फ इसलिए स्वीकार नहीं कर सकतीं क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से उनके बारे में कुछ कह रहा है।
कंगना के मुताबिक, किसी व्यक्ति की सलाह या आलोचना को महत्व देने से पहले वह यह देखती हैं कि उस व्यक्ति ने खुद अपने जीवन में क्या हासिल किया है।
उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनकी तरह जीवन में एक प्रतिशत भी सफल नहीं हुआ है, तो वह उसका ज्ञान सुनने में रुचि नहीं रखतीं।
आशुतोष राणा और सोनू सूद पर भी टिप्पणी
कंगना ने अपने बयान में अभिनेता आशुतोष राणा और सोनू सूद का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों कलाकारों ने अलग-अलग मौकों पर उनके बारे में टिप्पणियां की हैं।
कंगना ने आशुतोष राणा की कथित टिप्पणी का संदर्भ देते हुए कहा कि वह इस तरह की बातों को गंभीरता से नहीं लेतीं। वहीं सोनू सूद के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने उन्हें ‘तरीका सीखने’ की सलाह दी थी।
कंगना ने इन टिप्पणियों को अपने खिलाफ आलोचना के तौर पर पेश किया और कहा कि वह ऐसे लोगों की सलाह को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हैं।
हालांकि, इन कलाकारों के पुराने बयानों का संदर्भ और पूरा संदर्भ अलग-अलग हो सकता है। इसलिए कंगना द्वारा इंटरव्यू में कही गई बातों को उनके मौजूदा बयान के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
तापसी पन्नू पर भी साधा निशाना
कंगना ने अभिनेत्री तापसी पन्नू का नाम लेते हुए उन पर अपने परिवार और पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
कंगना का कहना है कि तापसी उनके माता-पिता, परवरिश और बैकग्राउंड को लेकर टिप्पणी करती रही हैं। उन्होंने ऐसी टिप्पणियों पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें इस तरह की आलोचना की परवाह नहीं है।
कंगना और तापसी पन्नू के बीच पिछले कई वर्षों से सार्वजनिक तौर पर मतभेद और बयानबाजी देखने को मिलती रही है। दोनों अभिनेत्रियां अलग-अलग मौकों पर एक-दूसरे को लेकर टिप्पणी कर चुकी हैं।
राखी सावंत के बयान पर भी नाराजगी
कंगना ने अभिनेत्री और सोशल मीडिया चर्चित चेहरा राखी सावंत का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राखी उनके चरित्र को लेकर भद्दी टिप्पणियां करती हैं।
कंगना ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों को वह महत्व नहीं देतीं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने के कारण उनके बारे में कई तरह की बातें कही जाती हैं, लेकिन वह हर टिप्पणी का जवाब देना जरूरी नहीं समझतीं।
‘मेरी तरह 1 प्रतिशत भी सफल नहीं हुए तो ज्ञान नहीं सुनूंगी’
कंगना ने अपने आलोचकों के लिए सबसे तीखा संदेश देते हुए कहा कि यदि वे लोग उनकी तरह एक प्रतिशत भी जीवन में सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं, तो वह उनका ज्ञान नहीं सुनेंगी।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक जहां इसे कंगना का आत्मविश्वास और आलोचकों को जवाब बता रहे हैं, वहीं उनके विरोधी इसे अहंकारपूर्ण बयान के तौर पर देख सकते हैं।
कंगना इससे पहले भी अपने बेबाक बयानों और विवादित टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रही हैं। अभिनय के साथ राजनीति में सक्रिय होने के बाद उनके बयानों का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी पहले की तुलना में अधिक देखा जाता है।
बाबा रामदेव का भी किया जिक्र
कंगना ने अपने बयान में योग गुरु बाबा रामदेव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने कथित तौर पर ‘सभी मर्यादाएं लांघ दी हैं।’
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कंगना ने बाबा रामदेव के किस विशेष बयान या टिप्पणी के संदर्भ में यह बात कही। इसलिए इस हिस्से को किसी निश्चित विवाद से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, जब तक कंगना के पूरे इंटरव्यू या बयान का संदर्भ सामने न आए।
‘गटर जनरेशन’ वाले बयान के बाद फिर चर्चा में कंगना
कंगना रनौत का यह बयान उनके हालिया विवादों के बीच सामने आया है। पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़े Gen-Z प्रदर्शनकारियों को लेकर कंगना के बयान ने काफी विवाद पैदा किया था।
कंगना ने प्रदर्शनकारियों के लिए ‘Gutter Generation’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
कंगना के शब्द चयन को लेकर विपक्षी नेताओं और उनके आलोचकों ने सवाल उठाए थे। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर काफी चर्चा हुई।
विवादों से कंगना का पुराना नाता
कंगना रनौत बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जो अपने बेबाक और स्पष्ट बयानों के लिए जानी जाती हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों के अलावा वह राजनीति और सामाजिक विषयों पर भी खुलकर अपनी राय रखती हैं।
भाजपा सांसद बनने के बाद उनके राजनीतिक बयानों को लेकर भी अक्सर विवाद पैदा होता रहा है। उनके समर्थक जहां उन्हें बेबाक और स्पष्टवादी नेता मानते हैं, वहीं विरोधी कई बार उनके शब्दों और बयान देने के तरीके पर सवाल उठाते रहे हैं।
इस बार भी आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी पन्नू और राखी सावंत का नाम लेकर दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
कंगना के बयान पर आगे भी हो सकती है बहस
कंगना के इस बयान ने एक बार फिर बॉलीवुड में आलोचना, सफलता और सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल यह भी है कि क्या किसी व्यक्ति की सफलता उसकी आलोचना को सही या गलत तय करने का पैमाना हो सकती है।
फिलहाल कंगना ने अपने आलोचकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह हर किसी की सलाह को स्वीकार नहीं करेंगी और अपने खिलाफ होने वाली टिप्पणियों का जवाब अपने तरीके से देती रहेंगी।



