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बिलासपुर एयरपोर्ट का संचालन AAI को सौंपने की तैयारी, हाईकोर्ट ने जल्द निर्णय लेने के दिए निर्देश

बिलासपुर। बिलासपुर एयरपोर्ट को लेकर चल रही जनहित याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट के संचालन, रखरखाव और विकास से जुड़ा अहम मुद्दा सामने आया है। राज्य सरकार ने बिलासपुर एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। AAI ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है और इस संबंध में मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने मामले को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने की बात कहते हुए AAI को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले को बिलासपुर एयरपोर्ट के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

AAI को सौंपा जा सकता है एयरपोर्ट का संचालन और विकास

सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से कोर्ट में प्रस्तुत जवाब पर विस्तार से चर्चा हुई। AAI ने बताया कि राज्य शासन की ओर से एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

अथॉरिटी फिलहाल इस प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। इसे औपचारिक रूप देने के लिए MoU तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो बिलासपुर एयरपोर्ट के संचालन और विकास से संबंधित कई जिम्मेदारियां AAI के पास आ सकती हैं।

हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने के बजाय सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाने और जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

जन सुविधा भवन का काम 20 अक्टूबर तक पूरा करने का भरोसा

सुनवाई के दौरान बिलासपुर एयरपोर्ट में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जन सुविधा भवन के निर्माण में हो रही देरी को मंत्रालय और कलेक्टर दोनों स्तरों पर गंभीरता से लिया गया है।

कोर्ट द्वारा निर्धारित नई समय-सीमा के अनुसार जन सुविधा भवन का काम 20 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।

इस भवन के पूरा होने से यात्रियों को एयरपोर्ट पर बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हाईकोर्ट की निगरानी के कारण निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बाउंड्री वॉल और पेरीफेरी रोड का काम भी आगे बढ़ा

एयरपोर्ट परिसर से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों की जानकारी भी कोर्ट को दी गई। राज्य सरकार ने बताया कि बाउंड्री वॉल और पेरीफेरी रोड के डामरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

टेंडर स्वीकृत होने के बाद संबंधित कार्यों के लिए वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आसपास बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का रास्ता साफ हुआ है।

बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली उड़ान बंद होने का मुद्दा उठा

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बिलासपुर से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या में कमी का मुद्दा उठाया।

विशेष रूप से बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली रूट की उड़ान बंद होने की ओर कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बिलासपुर एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं का विस्तार यात्रियों और क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।

बिलासपुर संभाग के यात्रियों को दिल्ली और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए नियमित हवाई सेवाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। उड़ानों की संख्या कम होने या महत्वपूर्ण रूट बंद होने से यात्रियों को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर होना पड़ता है।

विंटर शेड्यूल में उड़ानें बढ़ाने पर विचार

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आगामी अक्टूबर में लागू होने वाले विंटर शेड्यूल को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श जारी है। सरकार की कोशिश होगी कि बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए और हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाए।

इससे बिलासपुर से दिल्ली समेत अन्य प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। हालांकि, किसी विशेष रूट पर उड़ान दोबारा शुरू होने की अंतिम पुष्टि संबंधित एयरलाइन और विंटर शेड्यूल के निर्णय के बाद ही होगी।

UDAN योजना में सभी रूट शामिल करने की मांग

याचिकाकर्ताओं की ओर से केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत बिलासपुर एयरपोर्ट से संबंधित सभी संभावित रूट को शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजने की मांग भी की गई।

याचिकाकर्ताओं का जोर इस बात पर रहा कि बिलासपुर को अधिक से अधिक शहरों से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी फायदा हो सकता है।

अगली सुनवाई 29 सितंबर को

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। अगली सुनवाई में एयरपोर्ट को AAI के संचालन में देने के प्रस्ताव, MoU की प्रक्रिया, निर्माण कार्यों की प्रगति और हवाई सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

कुल मिलाकर, बिलासपुर एयरपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट की सुनवाई में संचालन की जिम्मेदारी AAI को सौंपने, अधूरे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यदि AAI को संचालन एवं विकास की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है और हवाई सेवाओं का विस्तार होता है, तो बिलासपुर एयरपोर्ट की क्षमता और क्षेत्र की कनेक्टिविटी दोनों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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