छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में गर्मी के बीच बदलेगा मौसम, गरज-चमक और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी लोगों को गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिल रही है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में जहां दिन में गर्मी का असर बना रह सकता है, वहीं कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

रायपुर में तेज धूप के बीच बढ़ सकता है तापमान

राजधानी रायपुर में मानसून की विदाई के बाद मौसम गर्म बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार को रायपुर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है।

राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रविवार की तुलना में अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

दिन में तेज धूप के कारण दोपहर के समय गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है। वहीं, रात के तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं होने से लोगों को रात में भी गर्मी का अहसास हो सकता है।

हालांकि, मौसम में होने वाले स्थानीय बदलावों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए आने वाले दिनों में गर्मी से राहत कितनी मिलेगी, यह बादलों की स्थिति, हवा की दिशा और बारिश की गतिविधियों पर निर्भर करेगा।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश का मौसम कैसा रहा?

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहा। हालांकि, प्रदेश के एक-दो हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान तापमान में अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार अंतर देखने को मिला।

राजनांदगांव में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इससे साफ है कि प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का प्रभाव बना हुआ है, जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में रात के दौरान अपेक्षाकृत ठंडक महसूस की जा रही है।

दुर्ग से अंबिकापुर तक ऐसा रहा तापमान

रविवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान अलग-अलग दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग में 33.4 डिग्री सेल्सियस और जगदलपुर में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • रायपुर (माना): 32.9 डिग्री सेल्सियस
  • दुर्ग: 33.4 डिग्री सेल्सियस
  • जगदलपुर: 33.2 डिग्री सेल्सियस
  • बिलासपुर: 32.4 डिग्री सेल्सियस
  • पेंड्रारोड: 31.4 डिग्री सेल्सियस
  • अंबिकापुर: 31 डिग्री सेल्सियस
  • राजनांदगांव: 34 डिग्री सेल्सियस

इन आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हालांकि, धूप की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों के कारण वास्तविक गर्मी का अनुभव तापमान से अलग हो सकता है।

अगले दो दिनों तक अधिकांश इलाकों में शुष्क रहेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में व्यापक बारिश की गतिविधियां देखने को नहीं मिलेंगी।

हालांकि, एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद भी कुछ इलाकों में मौसम संबंधी गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है।

ऐसे में लोगों को फिलहाल प्रदेशभर में एक साथ बारिश होने या तापमान में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। मौसम में बदलाव मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।

गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि अचानक मौसम बदलता है, तो खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।

किसी इलाके में बादल छाने या हल्की बारिश होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में मौसम ठंडा हो जाएगा। कई स्थानों पर बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण दिन का तापमान अधिक बना रह सकता है।

क्या मानसून पूरी तरह छत्तीसगढ़ से विदा हो गया है?

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी से होकर गुजर रही है। मौसम की इस स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी कुछ मौसमी प्रणालियों का प्रभाव बना रह सकता है।

विभाग ने बताया है कि अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं।

मानसून की वापसी के बावजूद स्थानीय स्तर पर बादल बनने, गरज-चमक और हल्की बारिश जैसी गतिविधियां संभव हैं। इसलिए मानसून की विदाई और बारिश की पूरी तरह समाप्ति को एक ही बात नहीं माना जाना चाहिए।

उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश तक बनी है द्रोणिका

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। मौसम विज्ञान में द्रोणिका कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ी एक लंबी पट्टी होती है, जिसके आसपास हवा के प्रवाह और नमी की स्थिति के कारण बादल बनने तथा बारिश की गतिविधियों को अनुकूल परिस्थितियां मिल सकती हैं।

हालांकि, किसी द्रोणिका के मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि हर जगह बारिश होगी। बारिश की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित क्षेत्र में नमी, तापमान और हवा की स्थिति कैसी है।

छत्तीसगढ़ में इसी तरह की मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, जबकि अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

गर्मी से राहत के लिए अभी करना होगा इंतजार

छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम की स्थिति मिली-जुली बनी हुई है। एक ओर राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में तेज धूप और बढ़ते तापमान से गर्मी का असर महसूस हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

अगले दो दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इसलिए प्रदेशभर में तापमान में बड़ी गिरावट या गर्मी से व्यापक राहत मिलने के संकेत फिलहाल सीमित हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश होने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।

मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान के अनुसार, तापमान और बारिश की स्थिति में बदलाव संभव है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें और गरज-चमक तथा तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतें।

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