
रायपुर में कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव, राज्य सरकार के कामकाज, कथित भ्रष्टाचार, NEET परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
इस दौरान पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया, श्री कुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, पप्पू बंजारे समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

सरकार को दी चेतावनी
डॉ. चरण दास महंत ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करती है तो आने वाले समय में कांग्रेस सत्ता में आने पर व्यवस्था को सुधारेगी।
उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और सरकार को अपने कामकाज में सुधार करना चाहिए।
अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री को घेरा
विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव को कमजोर बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यदि अविश्वास प्रस्ताव इतना कमजोर था तो सरकार ने उसका जवाब देने में कई घंटे क्यों लगाए। महंत का आरोप था कि सरकार ने अपनी उपलब्धियां बताने के बजाय केवल पिछली कांग्रेस सरकार की आलोचना करने पर अधिक जोर दिया।
मंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी तीखे आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि मंत्री अपनी “दुकानदारियां” बंद करें और जनता के हित में काम करें। उन्होंने दावा किया कि धान, कोयला, शराब और रेत जैसे क्षेत्रों में कथित रूप से गड़बड़ियां हो रही हैं और वे इन गतिविधियों से परिचित हैं।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
NEET और पेपर लीक को बनाया बड़ा मुद्दा
प्रेसवार्ता का प्रमुख विषय NEET परीक्षा में कथित अनियमितताएं और पेपर लीक रहा।
महंत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में छात्रों की समस्याओं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं।
उनका कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है।
“बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़”
महंत ने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में रोजगार के सीमित अवसर हैं और लाखों युवाओं के बीच प्रतिस्पर्धा पहले से ही कठिन है। ऐसे में परीक्षा में अनियमितताएं युवाओं के विश्वास को कमजोर करती हैं।
उन्होंने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण पर भी चिंता जताई।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने कई मांगें भी रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- पेपर लीक की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
- कथित अनियमित नियुक्तियों की जांच की जाए।
- प्रभावित छात्रों को उचित सहायता और राहत दी जाए।
- शिक्षा के व्यावसायीकरण पर रोक लगाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
छात्रा की आत्महत्या पर जताया दुख
महंत ने NEET परीक्षा से जुड़ी निराशा के बाद छत्तीसगढ़ की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं और सरकार को परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सोनम वांगचुक और केंद्र सरकार पर भी बोले
प्रेसवार्ता के दौरान महंत ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर टिप्पणी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर महंत ने दावा किया कि उनके इस्तीफे की चर्चा थी, लेकिन उन्हें रोका गया। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया और यह उनका राजनीतिक बयान रहा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह NEET, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विषय बना रह सकता है।



