
भोपाल। Somnath Swabhiman Yatra 2026 के तहत मध्यप्रदेश से बाबा सोमनाथ के दर्शन के लिए पहली विशेष तीर्थ यात्रा बुधवार को भोपाल से रवाना हुई। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Rani Kamlapati Railway Station पहुंचकर यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह यात्रा केवल धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, आस्था और स्वाभिमान से जुड़ा एक विशेष अभियान माना जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पहली बार रेल मार्ग के जरिए इस तरह की विशेष तीर्थ यात्रा शुरू की गई है, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का संगम
‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’ को धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक जागरण से जोड़कर देखा जा रहा है। यात्रा का मुख्य केंद्र Somnath Temple है, जिसे सनातन परंपरा और भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि हेली सेवा के बाद अब रेल मार्ग से शुरू की गई यह विशेष यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और किफायती साबित होगी।

“सोमनाथ भारत के स्वाभिमान का प्रतीक”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बाबा सोमनाथ को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम बताते हुए कहा कि यह मंदिर भारतीय संस्कृति की अमर पहचान है।
उन्होंने कहा कि “सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव विराजमान हैं, ऐसे भगवान सोमनाथ को कोटि-कोटि नमन।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हजारों साल पहले जब देश कठिन दौर से गुजर रहा था, तब भी सोमनाथ आस्था और आत्मविश्वास का केंद्र बना रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में “विरासत से विकास” की सोच को आगे बढ़ाने की बात कही।
सनातन संस्कृति पर गर्व की बात
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी समान महत्व दे रही है। सड़क, रेल, पुल और उद्योगों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी सरकार का फोकस है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या, मथुरा, काशी, द्वारका और कालीघाट जैसे तीर्थ स्थलों से पूरे देश में सांस्कृतिक चेतना मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद की अनुभूति हो रही है और देश नई सांस्कृतिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।”
“17 हमलों के बाद भी नहीं झुका सोमनाथ”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि Somnath Temple पर इतिहास में 17 बार हमले हुए, लेकिन सनातन संस्कृति की ध्वजा कभी नहीं झुकी। उन्होंने कहा कि हजार साल बाद भी सोमनाथ मंदिर का शिखर भारतीय संस्कृति की शक्ति और स्थायित्व का प्रतीक बनकर खड़ा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे बाबा सोमनाथ से देश और दुनिया में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें।
यात्रा से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस प्रकार की विशेष तीर्थ यात्राओं से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही लोगों को देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई यात्रियों ने इसे जीवन का यादगार अनुभव बताया और कहा कि सरकार की इस पहल से आम लोगों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होगी।



