छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी ने बताया शिक्षा व्यवस्था में क्या बदला?

इंदौर में राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्रों को देश का भविष्य बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत देश के निर्माण में छात्रों की अहम भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि छात्र स्वाभाविक रूप से सवाल पूछते हैं, अलग-अलग विषयों पर जवाब तलाशते हैं. आगे कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं. सवाल पूछने वाले छात्र विनम्र होते हैं, उनमें अहंकार नहीं होता है. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र नफरत के बजाय प्यार और सम्मान की भावना रखते हैं.
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर शहर में कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दे और उनके भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं. इनमें पेपर लीक, संस्थागत विफलता, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और निजीकरण जैसे मुद्दे शामिल हैं. इसके अलावा, उन्होंने आगे कहा कि इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में तय किया है कि सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स होगा.

राहुल गांधी ने अंधभक्त का किया जिक्र
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को सिस्टम से खतरा क्यों है. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स सवाल करता है कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बन गए? स्टूडेंट्स पूछता है कि हिंदुस्तान के पूरे बिजनेस को दो लोगों ने कैसे कैप्चर कर लिया है? उन्होंने आगे कहा कि, इसीलिए सिस्टम स्टूडेंट नहीं चाहता है, सिस्टम अंधभक्त चाहता है. उन्होंने कहा कि अंधभक्त का जिक्र करते हुए कहा कि अंधभक्त एंटी स्टूडेंट हैं. जहां छात्र सवाल पूछता है, जहां स्टूडेंट क्यूरियस है, वहां अंधभक्त
भ्रमित है. अपनी दुनिया में रहता है.
शिक्षा देश की नींव है- राहुल गांधी
इसके बाद राहुल गांधी ने शिक्षा को लेकर कहा कि शिक्षा एक नींव है. जैसे मैंने पहले कहा, शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है. शिक्षा कोई फेवर नहीं है. शिक्षा हिंदुस्तान के हर स्टूडेंट का हक है. शुरुआत से अंत तक किंडरगार्टन से स्कूल, मिडिल स्कूल, यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी से रोजगार तक ये कड़ी पूरी करना सरकार का काम है. यह आपका काम नहीं है, बिजनेस का काम नहीं है, बल्कि हिंदुस्तान और राज्य की सरकार का काम है.
शिक्षा कैसे बर्बाद की गई- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, किसी भी देश के शिक्षा के सिस्टम की जिम्मेदारी सरकार की होती है. सरकार को एक प्रभावी शिक्षा व्यवस्था चलानी चाहिए. मगर देश में उल्टा हो रहा है. पहले IITs बनीं, स्कूल बने, तब विद्यालय बने. अब पूरा-पूरा रिवर्स किया जा रहा है. उन्होंने स्क्रीन पर आंकड़े दिखाते हुए कहा कि, इस प्रोग्राम में हम आंकड़ों के बल पर बोलते हैं. उन्होंने आगे कहा कि, हम प्रूफ देकर, आंकड़े देकर बोलते हैं. शिक्षा कैसे बर्बाद हो रही है. राहुल गांधी ने कहा कि, पहले 2014 में, जब हमारी सरकार थी, बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा में जाता था. उसके बाद बजट कम करते-करते 2.6 प्रतिशत बजट शिक्षा में जाता है. 7.7 लाख करोड़ रुपये, जो शिक्षा में जाने थे, अगर वह बजट मेंटेन किया जाता, तो वे शिक्षा में नहीं गए. वे अरबपतियों के हाथ गए.
देश में 1 लाख सरकारी स्कूल बंद
वहीं राहुल गांधी ने प्राइवेटाइजेशन को लेकर कहा कि देश में एक लाख सरकारी स्कूल बंद हुए हैं. इनमें 55 फीसदी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के शामिल हैं. वहीं उन्होंने दिल्ली के शांति निकेतन हॉस्टल कांड को लेकर कहा कि, हॉस्टल 100 में से सिर्फ 14 बच्चों को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षा में कम पैसा डालती है, तो स्टूडेंट खतरे में होते हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस करता है. उन्होंने दिल्ली हॉस्टल हादसा का उदाहरण देते हुए कहा कि यही सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर न होने और सरकारी बजट काटने का नतीजा है. इस दौरान दिल्ली हॉस्टल में देवास के मृतक छात्र अर्पित जाज की फैमिली को भी स्टेज पर बुलाया और बातचीत की.
हम स्टूडेंट्स का हिंदुस्तान चाहते हैं
उन्होंने आगे कहा कि हमारा मकसद है कि आपके दिल में उम्मीद टूटी है, वो एक बार फिर से तेजी से वापस आए. आप फिर से शिक्षा में, सिस्टम में बिलीव करना शुरू करो, जो आपकी स्ट्रेंथ है. क्यूरियोसिटी, ईमानदारी, compassion, love, affection इन क्वालिटी के दम पर एक बार फिर से देश चले. राहुल गांधी ने कहा कि जो आज देश में हिंसा, नफरत फैलाई जा रही है, उसको आप भी मिटा सकते हो. जो छात्र हैं, वो भी मिटा सकते हैं. लेकिन अंधभक्त कभी मिटा नहीं सकता है. राहुल गांधी ने कहा कि हम स्टूडेंट्स का हिंदुस्तान चाहते हैं. आपकी आवाज सुनना चाहते हैं.



