खेल

140 KM की रफ्तार से गेंदबाजी कर मचाई सनसनी, अब मुंबई इंडियंस के रिलायंस-1 टीम में बस्तर के रुद्र प्रताप की एंट्री; दक्षिण अफ्रीका में करेंगे ट्रेनिंग….

दंतेवाड़ा/बस्तर। बस्तर के आदिवासी अंचल और कभी धुर नक्सल प्रभावित रहे दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण से निकलकर युवा तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप देहारी ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान तेजी से बनाई है। करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले रुद्र का चयन अब आईपीएल की प्रमुख फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस से जुड़े रिलायंस-1 डेवलपमेंट सेटअप में हुआ है।

रुद्र अब टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट सुविधाओं, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और बेहतर ट्रेनिंग का अनुभव मिलेगा। बस्तर के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका क्रिकेट सफर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल तक पहुंच गया है।

बस्तर से दक्षिण अफ्रीका तक पहुंचा रुद्र का सफर

रुद्र प्रताप की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपना क्रिकेट सफर किसी महानगर या बड़े क्रिकेट सेंटर से नहीं, बल्कि बस्तर के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र से शुरू किया।

कटेकल्याण जैसे इलाके से निकलकर क्रिकेट में पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद रुद्र ने अपनी तेज गेंदबाजी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया और लगातार अभ्यास के जरिए अपनी गति और तकनीक को बेहतर किया।

आज उनकी गेंदबाजी की रफ्तार करीब 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है। इसी गति और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उन्हें छत्तीसगढ़ के क्रिकेट सर्किट से आगे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में 15 विकेट लेकर जीती पर्पल कैप

रुद्र के करियर में छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग (CPL) का प्रदर्शन बेहद अहम रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में बिलासपुर बुल्स की ओर से खेलते हुए अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया।

पूरे टूर्नामेंट में रुद्र ने 15 विकेट अपने नाम किए। शानदार गेंदबाजी के दम पर वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और उन्हें पर्पल कैप हासिल हुई।

इसी प्रदर्शन के बाद क्रिकेट से जुड़े लोगों और स्काउट्स की नजर रुद्र पर गई। उनकी गति, विकेट लेने की क्षमता और लगातार अच्छा प्रदर्शन मुंबई इंडियंस के टैलेंट स्काउट्स को प्रभावित करने में सफल रहा।

इसके बाद रिलायंस मैनेजमेंट ने उन्हें अपने डेवलपमेंट स्क्वॉड में शामिल किया।

चार साल पहले मां के साथ क्रिकेट अकादमी पहुंचे थे

रुद्र के क्रिकेट सफर की शुरुआत करीब चार साल पहले हुई थी। वह अपनी मां के साथ बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, कालीपुर पहुंचे थे।

अकादमी के संचालक प्रदीप गुहा के अनुसार, जब रुद्र पहली बार अकादमी पहुंचे थे, तब वह काफी दुबले-पतले थे। लेकिन उनकी गेंदबाजी के प्रति लगन और जुनून देखकर प्रशिक्षकों को शुरुआत में ही अंदाजा हो गया था कि उनमें कुछ खास है।

रुद्र ने जब पहली बार ड्यूज बॉल से टर्फ विकेट पर गेंदबाजी की तो उनकी गति ने कोचों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

50 हजार रुपये की स्पीड मशीन से नापी गई थी रफ्तार

रुद्र की वास्तविक क्षमता का पता लगाने के लिए अकादमी में करीब 50 हजार रुपये की स्पीड मशीन खरीदी गई। इसका उद्देश्य सिर्फ उनकी गेंद की गति मापना नहीं था, बल्कि यह पता लगाना भी था कि रुद्र में तेज गेंदबाजी को आगे किस स्तर तक ले जाने की क्षमता है।

अभ्यास के दौरान रुद्र ने शुरुआती दौर में ही करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज कराई।

इसके बाद कोचिंग टीम ने उनकी गेंदबाजी पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। रुद्र की गति के साथ उनकी लाइन-लेंथ, रनअप, एक्शन, फिटनेस और गेंद पर नियंत्रण को भी बेहतर किया गया।

लगातार ट्रेनिंग और मेहनत का नतीजा यह रहा कि कुछ ही वर्षों में उनकी गति में जबरदस्त इजाफा हुआ। अब रुद्र करीब 140 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं।

डेढ़ साल की मेहनत के बाद अंडर-19 टीम में जगह

रुद्र ने करीब डेढ़ साल तक लगातार मेहनत की। इसके बाद उन्हें बस्तर संभाग की अंडर-19 टीम में जगह मिली।

संभाग स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के बाद उनकी प्रतिभा को राज्य स्तर पर पहचान मिली और उनका चयन छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम में हुआ।

यह उनके करियर का बड़ा मोड़ था, क्योंकि अब उन्हें बेहतर खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और बड़े स्तर के टूर्नामेंट में अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलने लगा।

कूच बिहार और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में किया प्रतिनिधित्व

छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम के साथ रुद्र ने लगातार दो वर्षों तक कूच बिहार ट्रॉफी और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में हिस्सा लिया।

इन टूर्नामेंटों में खेलने से उन्हें राष्ट्रीय स्तर के युवा खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव मिला। तेज गेंदबाज के रूप में उनके लिए यह अनुभव काफी महत्वपूर्ण रहा।

लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते रुद्र की प्रतिभा पर चयनकर्ताओं की नजर भी बनी रही।

NCA में चयन ने बढ़ाया आत्मविश्वास

अंडर-19 स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन का फायदा रुद्र को मिला और उनका चयन नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) के लिए हुआ।

NCA जैसे उच्चस्तरीय क्रिकेट वातावरण में प्रशिक्षण मिलने से रुद्र को अपनी गेंदबाजी की तकनीक, फिटनेस और खेल के मानसिक पहलुओं पर काम करने का अवसर मिला।

यह अनुभव उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि तेज गेंदबाजी में केवल रफ्तार पर्याप्त नहीं होती। गेंद पर नियंत्रण, स्विंग, सीम, फिटनेस और लगातार एक जैसी गति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

CK नायडू ट्रॉफी में भी दिखाया दम

इसके बाद रुद्र ने अंडर-23 स्तर की सीके नायडू ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया। यहां उन्हें उम्र में बड़े और अधिक अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिला।

तेज गेंदबाजी के लिए यह स्तर काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। रुद्र ने यहां भी अपनी गति का प्रभाव दिखाया और अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

अब रिलायंस-1 टीम में चयन

रुद्र के करियर में अब एक और बड़ा पड़ाव आया है। उनका चयन मुंबई इंडियंस की रिलायंस-1 टीम में हुआ है।

यह चयन उनके लिए इसलिए अहम है क्योंकि मुंबई इंडियंस का डेवलपमेंट सिस्टम युवा प्रतिभाओं को उच्चस्तरीय क्रिकेट वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जाना जाता है।

रुद्र के लिए यह अवसर उन्हें देश के शीर्ष क्रिकेट प्रतिभाओं के साथ ट्रेनिंग करने और आधुनिक क्रिकेट की तकनीक तथा फिटनेस मानकों को करीब से समझने का मौका देगा।

दक्षिण अफ्रीका में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव

रुद्र अब रिलायंस-1 टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे। वहां उन्हें विश्वस्तरीय क्रिकेट सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के बीच ट्रेनिंग करने का अवसर मिलेगा।

दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर तेज गेंदबाजी के लिए परिस्थितियां काफी उपयोगी मानी जाती हैं। वहां मिलने वाला अनुभव रुद्र की गेंदबाजी को और धार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस दौरान वह अपनी गति के साथ-साथ बाउंस, सीम मूवमेंट, लाइन-लेंथ और गेंद पर नियंत्रण जैसे पहलुओं को और मजबूत कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के पहले खिलाड़ी होने का दावा

रुद्र को रिलायंस-1 टीम में जगह बनाने वाला छत्तीसगढ़ का पहला खिलाड़ी बताया जा रहा है। अगर यह उपलब्धि आधिकारिक रूप से पुष्ट होती है, तो यह न केवल रुद्र बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

खास बात यह है कि रुद्र का संबंध बस्तर के उस क्षेत्र से है, जहां लंबे समय तक नक्सल समस्या के कारण विकास और खेल गतिविधियों के सामने कई चुनौतियां रही हैं।

ऐसे क्षेत्र से निकलकर एक युवा का राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट डेवलपमेंट सिस्टम तक पहुंचना स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक संदेश है।

छोटे गांव से बड़े क्रिकेट मंच तक

रुद्र प्रताप देहारी का सफर बताता है कि प्रतिभा को सही दिशा और लगातार मेहनत का साथ मिले तो सीमित संसाधनों से निकलने वाला खिलाड़ी भी बड़े मंच तक पहुंच सकता है।

कटेकल्याण से शुरू हुआ सफर → बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट → बस्तर अंडर-19 → छत्तीसगढ़ अंडर-19 → कूच बिहार और वीनू मांकड़ ट्रॉफी → NCA → CK नायडू ट्रॉफी → छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग की पर्पल कैप → मुंबई इंडियंस के रिलायंस-1 सेटअप → दक्षिण अफ्रीका।

अब रुद्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी तेज रफ्तार को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और निरंतरता के साथ जोड़ने की है। 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, 15 विकेट वाली CPL की कामयाबी और रिलायंस-1 का नया मंच—इन सबके बाद बस्तर के इस युवा तेज गेंदबाज से क्रिकेट जगत की उम्मीदें निश्चित तौर पर बढ़ गई हैं।

Related Articles

Back to top button