छत्तीसगढ़

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर में वीरांगना Rani Durgavati के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन स्वाभिमान, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने अपने राज्य और जनता की रक्षा के लिए मुगल साम्राज्य की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और अंतिम सांस तक संघर्ष करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और सम्मान के प्रतीक के रूप में सदैव याद किया जाएगा।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने इतिहास, संस्कृति और महान विभूतियों का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने गौरवशाली अतीत को भूल जाता है, उसका भविष्य भी कमजोर हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों का सम्मान करता है, वह निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास तभी सार्थक है जब सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को भी समान महत्व दिया जाए। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का परिचय दिया, वह आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती केवल इतिहास की एक महान शासक नहीं थीं, बल्कि उनका जीवन वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री Ramvichar Netam, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Kedar Kashyap, विधायक Purandar Mishra, विधायक Bhulan Singh Maravi, Nand Kumar Sai, रायपुर महापौर Meenal Choubey सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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