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डिप्टी CM अरुण साव का कांग्रेस पर तीखा हमला: NEET, UCC, स्मार्ट मीटर, CAG रिपोर्ट और भूपेश-टीएस की नजदीकियों पर साधा निशाना…

छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सोमवार को विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों की बजाय सरकार को बदनाम करने और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने NEET परीक्षा विवाद, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), स्मार्ट मीटर, बिजली बिल, विकास कार्य, स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट और भूपेश बघेल–टीएस सिंहदेव की नजदीकियों जैसे मुद्दों पर कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए।

NEET परीक्षा विवाद पर क्या बोले अरुण साव?

नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और उसके विरोध में हुए प्रदर्शनों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कांग्रेस और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

अरुण साव के अनुसार,

सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है, लेकिन विपक्ष देश में अराजकता का माहौल बनाकर सरकार की छवि खराब करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।


UCC को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी अरुण साव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार यह प्रचार कर रही है कि UCC लागू होने से आदिवासी समाज के अधिकार प्रभावित होंगे, जबकि सरकार कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि ऐसा नहीं है।

उन्होंने कहा—

  • आदिवासी समाज के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
  • प्रक्रिया संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ रही है।
  • सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर मसौदा तैयार कर रही है।

उनका आरोप था कि कांग्रेस बिना तथ्यों के लोगों में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।


स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर कांग्रेस को जवाब

कांग्रेस द्वारा बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में चलाए जा रहे अभियान पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक का हिस्सा हैं और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति कर रही है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।


विकास कार्यों में भेदभाव के आरोपों को बताया निराधार

विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि नहीं दिए जाने के आरोपों पर अरुण साव ने कहा कि भाजपा सरकार पूरे प्रदेश के समान विकास के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा—

  • सरकार किसी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं कर रही।
  • भाजपा की राजनीति विकास पर आधारित है।
  • कांग्रेस हमेशा विकास कार्यों में भी राजनीति करती रही है।

अविश्वास प्रस्ताव और भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया

संसद और विधानसभा में सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि—

कांग्रेस केवल साय सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है।


भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की नजदीकियों पर तंज

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के लगातार संयुक्त कार्यक्रमों पर भी उपमुख्यमंत्री ने टिप्पणी की।

उन्होंने कहा—

“कांग्रेस में कब झगड़ा होगा और कब दोस्ती हो जाएगी, यह कोई नहीं जानता। कांग्रेस के पास न नीति है, न नीयत और न ही नेतृत्व।”

उनका यह बयान कांग्रेस के भीतर समय-समय पर सामने आने वाले राजनीतिक मतभेदों की ओर इशारा माना जा रहा है।


CAG रिपोर्ट पर कांग्रेस पर हमला

स्थानीय निकायों से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए अरुण साव ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि—

  • कांग्रेस शासन में वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों की स्थिति कमजोर रही।
  • जनता के हितों की अनदेखी की गई।
  • कांग्रेस की राजनीति केवल सत्ता और परिवार तक सीमित रही।

कांग्रेस पर समग्र आरोप

अपने पूरे बयान में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर निम्न आरोप लगाए—

  • NEET जैसे मुद्दों पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश।
  • UCC को लेकर लोगों में भ्रम फैलाना।
  • स्मार्ट मीटर और बिजली बिल को राजनीतिक मुद्दा बनाना।
  • विकास कार्यों में भेदभाव के निराधार आरोप लगाना।
  • सरकार के खिलाफ बिना प्रमाण भ्रष्टाचार के आरोप लगाना।
  • जनता के बीच सरकार की छवि खराब करने का प्रयास करना।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

छत्तीसगढ़ में विधानसभा के मानसून सत्र और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। NEET, UCC, स्मार्ट मीटर, स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट और कांग्रेस के आंतरिक राजनीतिक समीकरण जैसे मुद्दों पर दोनों दल लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन विषयों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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