‘सोकर सक्सेस मिली…’ जैसी सोच बदलनी होगी: कंगना रनौत ने महिलाओं के सम्मान और मेहनत पर उठाई आवाज

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वाली कंगना ने इस बार समाज में सफल महिलाओं को लेकर बनी नकारात्मक मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी जब कोई महिला अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सफलता हासिल करती है, तो उसकी उपलब्धियों का सम्मान करने के बजाय उसके चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आधुनिक दौर में भी कई लोग यह मानने को तैयार नहीं होते कि कोई महिला अपनी काबिलियत के बल पर ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला किसी बड़े पद पर पहुंचती है या अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करती है, तो अक्सर उसके बारे में यह कह दिया जाता है कि उसे “किसी पुरुष के साथ संबंध बनाकर सफलता मिली है।”

“महिलाओं की मेहनत को नहीं मिलता सम्मान”
कंगना ने कहा कि यह सोच केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका, कॉर्पोरेट और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में भी देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई महिला वकील हो, अधिकारी हो, राज्यपाल हो, राजनेता हो या किसी बड़ी कंपनी की प्रमुख—उसकी सफलता को कई बार उसकी मेहनत और योग्यता के बजाय उसके निजी जीवन से जोड़कर देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि यह मानसिकता महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती है और उनके संघर्ष व उपलब्धियों का अपमान करती है।
“महिलाओं को शक की नजर से देखना गलत”
कंगना रनौत ने कहा कि समाज को यह स्वीकार करना होगा कि महिलाएं भी अपनी प्रतिभा, शिक्षा, मेहनत और समर्पण के बल पर किसी भी क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सफल महिलाओं को शक की नजर से देखना और उनकी उपलब्धियों को कमतर आंकना पूरी तरह गलत है।
कंगना ने यह भी कहा कि अक्सर महिलाओं के पहनावे और व्यक्तित्व को लेकर भी अनावश्यक टिप्पणियां की जाती हैं। यदि कोई महिला सजती-संवरती है तो कई लोग यह मान लेते हैं कि वह पुरुषों को प्रभावित करने के लिए ऐसा कर रही है, जबकि हर व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने और खुद को प्रस्तुत करने का अधिकार है।
“सोच बदलने की जरूरत”
कंगना ने जोर देकर कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी। किसी भी महिला की सफलता को उसके चरित्र से जोड़ने के बजाय उसकी मेहनत, योग्यता और उपलब्धियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसी सोच नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना मुश्किल रहेगा।
फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को मिल रही सराहना
वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्म भारत भाग्य विधाता को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और कंगना के अभिनय की भी सराहना की जा रही है।



