
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक ओर हजारों योग्य डॉक्टर रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस विरोधाभासी स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी (CGCS) ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर नियमित चिकित्सक भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
सिविल सोसाइटी का कहना है कि राज्य में 17 हजार से अधिक पंजीकृत एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध हैं, लेकिन लंबे समय से नियमित भर्ती नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में चिकित्सक सरकारी सेवा से बाहर हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जहां विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सकों के कई पद अब भी रिक्त हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ रहा असर
पत्र में कहा गया है कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई अस्पतालों में एक ही डॉक्टर को कई विभागों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है, जिससे इलाज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

संगठन का कहना है कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र तो शुरू किए हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से इन संस्थानों का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
नियमित भर्ती की उठाई मांग
छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने मुख्य सचिव से मांग की है कि—
- चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर जल्द नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
- लंबे समय से लंबित भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए।
- पारदर्शी और समयबद्ध चयन प्रक्रिया अपनाई जाए।
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में डॉक्टरों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए।
युवाओं में बढ़ रही निराशा
संगठन का कहना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर पंजीकरण कराते हैं, लेकिन नियमित सरकारी भर्तियां नहीं निकलने से उनमें निराशा बढ़ रही है। कई डॉक्टर निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं या दूसरे राज्यों में नौकरी करने को मजबूर हैं।
सरकार से जल्द निर्णय की अपेक्षा
छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने अपने पत्र में कहा है कि यदि समय रहते नियमित भर्ती शुरू की जाती है तो इससे एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत होगी। संगठन ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेकर रिक्त पदों को भरने की अपील की है।



