Share Market Update: 250 अंक टूटा Sensex, Nifty 24,300 के करीब; Bank-IT Stocks में बिकवाली से बढ़ी चिंता…

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में 13 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूटकर 77,700 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 24,300 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव Banking और IT Stocks में देखने को मिला।
बाजार में कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, घरेलू संस्थागत निवेश, ग्लोबल मार्केट के संकेत, कच्चे तेल की कीमत और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर बनी हुई है।

Sensex 77,700 के करीब, Nifty भी 24,300 के आसपास
कारोबार की शुरुआत से ही भारतीय बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा गिरकर 77,700 के स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक टूटकर 24,300 के आसपास आ गया।
इस गिरावट में बैंकिंग और IT शेयरों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। इन दोनों सेक्टर्स में बिकवाली बढ़ने से बाजार के प्रमुख इंडेक्स पर दबाव आया।
हालांकि, बाजार में सभी शेयरों में एकतरफा गिरावट नहीं रही। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि चुनिंदा स्टॉक्स में अवसर तलाश रहे हैं।
Banking और IT Stocks में ज्यादा दबाव
आज की बाजार हलचल में Banking Stocks और IT Stocks खास चर्चा में रहे। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बढ़ने से निफ्टी बैंक समेत पूरे वित्तीय क्षेत्र के प्रदर्शन पर असर पड़ा।
वहीं IT सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। भारतीय IT कंपनियों के शेयरों पर घरेलू बाजार के अलावा ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों की चाल, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और डॉलर से जुड़े संकेतों का भी प्रभाव पड़ता है।
ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि शुरुआती बिकवाली के बाद इन सेक्टर्स में खरीदारी लौटती है या दबाव आगे भी जारी रहता है।
एशियाई बाजारों में तेजी, फिर भारत में गिरावट क्यों?
भारतीय बाजार की कमजोरी का एक दिलचस्प पहलू यह है कि एशिया के कई प्रमुख बाजारों में आज तेजी देखने को मिली।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- South Korea KOSPI करीब 4.18% चढ़ा और 6,849 के आसपास रहा।
- Japan Nikkei करीब 1.61% बढ़कर 68,610 के स्तर पर पहुंचा।
- Hong Kong Hang Seng करीब 0.02% की मामूली बढ़त के साथ 25,442 के आसपास रहा।
यानी एशियाई बाजारों से भारत को पूरी तरह नकारात्मक संकेत नहीं मिले। इसके बावजूद घरेलू बाजार में बिकवाली देखने को मिली।
इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में इस समय घरेलू कारण और शेयर-विशेष बिकवाली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बाजार की दिशा सिर्फ ग्लोबल संकेतों पर निर्भर नहीं है।
अमेरिकी बाजार से भी मिले-जुले संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा था।
12 अगस्त को Dow Jones करीब 22 अंक गिरकर 53,770 पर बंद हुआ। दूसरी ओर Nasdaq में लगभग 143 अंक यानी 0.54% की तेजी रही। S&P 500 भी करीब 20 अंक या 0.26% बढ़कर 7,749 पर बंद हुआ।
इसलिए अमेरिकी बाजार से भी भारतीय बाजार के लिए कोई बहुत मजबूत नकारात्मक संकेत नहीं मिला था। इसके बावजूद घरेलू बाजार में शुरुआती बिकवाली देखने को मिली।
FII की खरीदारी, लेकिन तस्वीर पूरी तरह मजबूत नहीं
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI का पैसा भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब ₹1,711 करोड़ की नेट खरीदारी की है। हालांकि, 30 दिनों का आंकड़ा अभी भी करीब ₹2,432 करोड़ की नेट बिकवाली दिखा रहा है।
इसका मतलब है कि हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी में सुधार जरूर आया है, लेकिन लंबी अवधि के आंकड़ों में उनकी स्थिति अभी भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं हुई है।
DII बने बाजार का सहारा
विदेशी निवेशकों के मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII भारतीय बाजार को मजबूत सहारा देते नजर आ रहे हैं।
पिछले 7 दिनों में DII ने करीब ₹4,812 करोड़ की नेट खरीदारी की है। वहीं पिछले 30 दिनों में उनकी नेट खरीदारी लगभग ₹31,078 करोड़ रही है।
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में खरीदारी कर गिरावट को सीमित करने में मदद कर सकते हैं।
12 अगस्त को भी गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का सिलसिला 13 अगस्त से पहले भी देखने को मिला था।
12 अगस्त 2026 को:
- Sensex: 188 अंक गिरकर 77,966 पर बंद
- Nifty 50: 36 अंक टूटकर 24,436 पर बंद
ऐसे में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी से निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। खासकर अगर इंडेक्स महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के नीचे टिकते हैं, तो बाजार में और बिकवाली का दबाव बन सकता है।
77,700 और 24,300 के स्तर पर नजर
आज के कारोबार में Sensex के 77,700 और Nifty के 24,300 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर बाजार इन स्तरों के आसपास टिकता है और निचले स्तरों पर खरीदारी आती है, तो कारोबारी सत्र के दौरान रिकवरी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है और प्रमुख इंडेक्स इन स्तरों के नीचे टिकते हैं, तो निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।
हालांकि, केवल एक स्तर के टूटने या बचने से बाजार की पूरी दिशा तय नहीं होती। वॉल्यूम, सेक्टर प्रदर्शन, FII-DII फ्लो और ग्लोबल बाजारों के संकेत भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
Crude Oil और ग्लोबल संकेत भी रहेंगे अहम
भारतीय शेयर बाजार के लिए Crude Oil Price भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेज बदलाव से महंगाई, करेंसी और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा निवेशक अमेरिकी बाजार, एशियाई बाजारों, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर भी नजर रखेंगे।
आज किन फैक्टर्स पर नजर रखें?
13 अगस्त के कारोबार में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर ये हो सकते हैं:
- Banking Stocks में बिकवाली या खरीदारी
- IT Stocks का प्रदर्शन
- FII और DII की खरीद-बिकवाली
- Global Market Trends
- Crude Oil Price
- Sensex का 77,700 के आसपास व्यवहार
- Nifty का 24,300 के स्तर पर प्रदर्शन
- निचले स्तरों पर खरीदारी की वापसी
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल बाजार में गिरावट जरूर है, लेकिन केवल शुरुआती कमजोरी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि बाजार में बड़ी गिरावट शुरू हो गई है। अगर दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी लौटती है तो शुरुआती नुकसान की भरपाई हो सकती है।
वहीं अगर Bank और IT शेयरों में बिकवाली और तेज होती है तथा FII की बिकवाली बढ़ती है, तो बाजार पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। ऊपर दिए गए स्तर और आंकड़े समाचार में उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं, इन्हें निवेश सलाह न माना जाए।



