साबुन-डिटर्जेंट से हाथों में होती है जलन? सफाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

Health Tips: घर की सफाई से लेकर बर्तन और कपड़े धोने तक साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल रोजाना होता है। लेकिन इनके बार-बार या लंबे समय तक संपर्क में रहने से कुछ लोगों के हाथों की त्वचा रूखी, लाल और संवेदनशील हो सकती है। कई बार खुजली, जलन या त्वचा में खिंचाव जैसी समस्या भी महसूस होने लगती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को सफाई करते समय थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

ऐसे में साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। जरूरत है कि इनके सीधे संपर्क को कम किया जाए और सफाई के बाद हाथों की त्वचा की सही देखभाल की जाए। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर हाथों में होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है।
बर्तन धोने के बाद पानी से अच्छी तरह खंगालें
बर्तन धोने के बाद उन पर साबुन या डिशवॉश का अवशेष नहीं रहना चाहिए। इसके लिए बर्तनों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। जरूरत महसूस होने पर एक से ज्यादा बार पानी से खंगाल सकते हैं। खाना पकाने और परोसने वाले बर्तनों को विशेष रूप से अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।
बर्तन धोने के बाद उन्हें सूखने दें या साफ कपड़े से पोंछकर रखें। गीले बर्तनों को लंबे समय तक बंद जगह में रखने से नमी बनी रह सकती है।
हाथों को डिटर्जेंट के सीधे संपर्क से बचाएं
अगर बर्तन या कपड़े धोते समय हाथों में बार-बार रूखापन, खुजली या जलन होती है, तो रबर के दस्ताने इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे हाथों और साबुन या डिटर्जेंट के बीच सीधा संपर्क कम होता है।
हालांकि, दस्ताने पहनते समय यह ध्यान रखें कि उनके अंदर लंबे समय तक पसीना या पानी जमा न रहे। काम पूरा होने के बाद दस्ताने उतारकर उन्हें भी साफ करें। इसके बाद हाथों को पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं।
सफाई के बाद हाथों पर मॉइस्चराइजर लगाएं
साबुन और डिटर्जेंट के बार-बार इस्तेमाल से त्वचा की नमी कम हो सकती है और हाथ रूखे महसूस हो सकते हैं। इसलिए सफाई का काम पूरा करने के बाद हाथों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं और फिर मॉइस्चराइजर लगाएं।
अगर हाथ धोने के बाद त्वचा में खिंचाव या ज्यादा रूखापन महसूस होता है, तो मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा बहुत गर्म पानी से बार-बार हाथ धोने से बचें। हाथ साफ करने के लिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल बेहतर रहता है।
कपड़े धोते समय भी रखें सावधानी
कपड़ों में डिटर्जेंट का अवशेष रह जाने से भी कुछ लोगों की त्वचा में परेशानी हो सकती है। इसलिए कपड़े धोने के बाद उन्हें साफ पानी में अच्छी तरह खंगालना जरूरी है। वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते समय जरूरत के अनुसार अतिरिक्त रिंस साइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बच्चों के कपड़े धोते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि उनकी त्वचा संवेदनशील हो सकती है। डिटर्जेंट की मात्रा हमेशा उत्पाद पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही रखें। ज्यादा डिटर्जेंट डालने से कपड़े जरूरी नहीं कि ज्यादा साफ हों, बल्कि उनमें अवशेष रह जाने की संभावना बढ़ सकती है।
घरेलू नुस्खे अपनाते समय भी रहें सावधान
घर की सफाई के लिए कई लोग बेकिंग सोडा, नींबू या नमक जैसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, हर घरेलू उपाय हर तरह की सतह या बर्तन के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित सतह के बारे में जानकारी जरूर लें। जरूरत हो तो पहले किसी छोटे हिस्से पर इसका परीक्षण कर सकते हैं।
इसके अलावा अलग-अलग सफाई उत्पादों को आपस में मिलाने से बचें। कुछ रसायनों को मिलाने पर हानिकारक गैस या खतरनाक रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है।
लगातार जलन और खुजली को नजरअंदाज न करें
साबुन या डिटर्जेंट के इस्तेमाल के बाद कभी-कभार हल्का रूखापन होना आम हो सकता है। ऐसे में त्वचा को मॉइस्चराइज करने और डिटर्जेंट के सीधे संपर्क को कम करने से मदद मिल सकती है।
लेकिन अगर हाथों में लगातार खुजली, लालिमा, सूजन, तेज जलन, त्वचा फटना या घाव जैसी समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में जिस उत्पाद के इस्तेमाल के बाद परेशानी बढ़ रही है, उसका संपर्क रोकें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
सफाई के साथ त्वचा की देखभाल भी जरूरी
घर की सफाई जरूरी है, लेकिन इस दौरान हाथों की त्वचा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। डिटर्जेंट की सही मात्रा का इस्तेमाल, बर्तनों और कपड़ों को अच्छी तरह पानी से खंगालना, जरूरत पड़ने पर दस्ताने पहनना और सफाई के बाद हाथों को मॉइस्चराइज करना जैसी छोटी सावधानियां त्वचा में होने वाली परेशानी को कम करने में मदद कर सकती हैं।



