छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का पहला पारंपरिक पर्व ‘हरेली तिहार’ CM हाउस में होगा भव्य आयोजन,

छत्तीसगढ़ का पहला पारंपरिक पर्व ‘हरेली तिहार’ इस बार विशेष रूप से मनाया जा रहा है। यह त्योहार खेती-किसानी और हरियाली से जुड़ा है और छत्तीसगढ़ के लोकजीवन में इसका खास महत्व है।

मुख्य आयोजन इस प्रकार होंगे:

  1. मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में भव्य आयोजन
    • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से हरेली तिहार का आयोजन होगा।
    • यहां लोक कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक नृत्य-गीत और पूजा-अर्चना की जाएगी।
    • किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  2. नवा रायपुर में कृषि यंत्रों की पूजा
    • डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) ओ.पी. चौधरी नवा रायपुर में कृषि यंत्रों और औजारों की पूजा करेंगे।
    • यहां पर कृषि उपकरणों के महत्व और आधुनिक खेती को लेकर संदेश दिया जाएगा।
  3. पूर्व मुख्यमंत्री के निवास पर गेड़ी चढ़ना
    • कांग्रेस के नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर पारंपरिक गेड़ी चढ़ने का आयोजन करेंगे।
    • गेड़ी (लकड़ी की ऊँची पाँव वाली चलने की युक्ति) चढ़ना हरेली का प्रमुख लोकरीति है।

हरेली तिहार का महत्व

  • यह श्रावण मास की अमावस्या को मनाया जाता है।
  • खेती की शुरुआत से पहले किसान अपने हल-बैल, कृषि यंत्रों और औजारों की पूजा करते हैं।
  • गांवों में गेड़ी दौड़, देवार पूजा, और नए औजारों का पूजन परंपरागत रूप से किया जाता है।

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