
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ते हुए आज एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का शुभारंभ किया जाएगा। यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम बालोद जिले में आयोजित होगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान का संदेश देना है।

इस विशेष अभियान में महतारी वंदन योजना से जुड़ी लगभग 2.45 लाख हितग्राही महिलाएं भाग लेंगी। महिलाएं अपने घरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल परिसरों, पंचायत भवनों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं की भागीदारी
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित करने की जिम्मेदारी भी समाज के साथ साझा करना है। महतारी वंदन योजना से जुड़ी महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर सरकार पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना चाहती है। पौधारोपण के माध्यम से महिलाओं को हरित छत्तीसगढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
सेल्फी अपलोड करने पर मिलेगा डिजिटल प्रमाण-पत्र
अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है। पौधा लगाने के बाद हितग्राही महिलाओं को पौधे के साथ अपनी सेल्फी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सत्यापन के बाद उन्हें डिजिटल प्रमाण-पत्र (Digital Certificate) जारी किया जाएगा। इससे महिलाओं को अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पौधारोपण का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ी पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए महतारी वंदन योजना की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व सम्मान दोनों का संदेश समाज तक पहुंचे।
महतारी वंदन योजना की महिलाओं को मिलेगा नया दायित्व
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब इन्हीं महिलाओं को हरित छत्तीसगढ़ अभियान से जोड़कर सरकार सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी दे रही है। इससे महिलाओं की भागीदारी केवल आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण की भी सहभागी बनेंगी।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
- प्रदेश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।
- महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना।
- प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना।
- हरित आवरण बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने की दिशा में काम करना।
- पौधारोपण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करना।
राज्यभर में चलेगा अभियान
बालोद से शुरुआत के बाद यह अभियान पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जाएगा। सभी जिलों में महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनकी नियमित देखभाल भी हो, ताकि आने वाले वर्षों में प्रदेश का हरित क्षेत्र बढ़ सके।
यह पहल महिलाओं की सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने वाला राज्य का पहला बड़ा अभियान माना जा रहा है। इससे न केवल हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।



