छत्तीसगढ़रायपुर

रायपुर में Lenskart पर बवाल, हिंदू संगठन का शोरूम में घुसकर विरोध..

राजधानी रायपुर में Lenskart को लेकर विवाद अब सड़क पर उतर आया है। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह मामला अब स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन में बदल गया है, जहां एक हिंदू संगठन ने शोरूम में पहुंचकर खुलकर विरोध जताया।


📍 क्या हुआ रायपुर में?

रायपुर में धर्म जागरण समिति से जुड़ीं Bharti Vaishnav अपने समर्थकों के साथ लेंसकार्ट के शोरूम पहुंचीं। वहां:

  • “जय श्री राम” के नारे लगाए गए
  • कर्मचारियों से नाम पूछकर उन्हें तिलक लगाया गया
  • शोरूम के अंदर ही विरोध प्रदर्शन किया गया
  • कुछ चश्मों को तोड़ने की भी बात सामने आई

संगठन की ओर से यह चेतावनी भी दी गई कि अगर किसी कंपनी द्वारा “हिंदू विरोधी” गतिविधि की जाती है, तो उसका विरोध किया जाएगा।


⚠️ विवाद की जड़ क्या है?

विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि:

  • कर्मचारियों को तिलक, कलावा या जनेऊ पहनने की अनुमति नहीं है
  • जबकि मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाती है

इसी कथित “ड्रेस कोड भेदभाव” को लेकर विरोध तेज हुआ।


🏢 कंपनी की सफाई

इस पूरे मामले पर Lenskart पहले ही अपना पक्ष रख चुकी है।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा:

  • सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान और स्वागत है
  • इसमें तिलक, बिंदी, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी आदि शामिल हैं
  • कंपनी अपनी “इन-स्टोर स्टाइल गाइड” को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक कर रही है

साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उसे खेद है और भविष्य में समानता व सम्मान के सिद्धांतों का पालन किया जाएगा।


🔎 क्या संकेत देता है यह विवाद?

  • सोशल मीडिया से शुरू मुद्दे अब जमीनी विरोध में बदल रहे हैं
  • कंपनियों के ड्रेस कोड और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे संवेदनशील बनते जा रहे हैं
  • ब्रांड्स को अब अपनी नीतियों में ज्यादा पारदर्शिता और स्पष्टता रखनी पड़ रही है

🧾 निष्कर्ष

Lenskart विवाद सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट नीतियों और धार्मिक पहचान के बीच संतुलन का बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
रायपुर की घटना ने इस बहस को और तेज कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button