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नारी शक्ति वंदन बिल पर सियासत तेज: विष्णु देव साय का कांग्रेस पर हमला, कहा– महिलाओं के अधिकार से किया विश्वासघात…

रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में विष्णु देव साय और भाजपा नेताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला। पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझिए:


🔴 क्या है मामला?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना है। यह बिल लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार भी यह लोकसभा में पारित नहीं हो सका।


🗣️ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिल को “सरल और तार्किक” तरीके से समझाया था, फिर भी विपक्ष ने समर्थन नहीं किया।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई
  • साय ने कहा कि भाजपा महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और भविष्य में 33% आरक्षण लागू करवाकर रहेगी
  • उन्होंने इसे महिलाओं के साथ “धोखा” बताया और कहा कि आने वाले समय में जनता विपक्ष को इसका जवाब देगी।

⚔️ विपक्ष पर आरोप

साय और अन्य भाजपा नेताओं ने आरोप लगाए कि:

  • कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने जानबूझकर बिल को पास नहीं होने दिया।
  • वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने के बावजूद कांग्रेस ने हर बार इसे लागू करने से बचने की कोशिश की।
  • यह कदम “आधी आबादी की उम्मीदों पर पानी फेरने” जैसा है।

🏛️ भाजपा नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस प्रेस वार्ता में भाजपा के कई प्रमुख नेता शामिल रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • अरुण सिंह
  • किरण सिंहदेव
  • लक्ष्मी राजवाड़े
  • मीनल चौबे
  • कमलेश जांगड़े
  • लक्ष्मी वर्मा

🗨️ अरुण सिंह का बयान

अरुण सिंह ने कहा:

  • 17 अप्रैल का दिन “ऐतिहासिक” बन सकता था, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल कर दिया।
  • उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की है।
  • समाजवादी पार्टी और अन्य दलों पर भी महिलाओं के प्रति अपमानजनक रवैया रखने का आरोप लगाया।
  • बिल पास न होने के बाद विपक्ष के “जश्न” पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और इसे संवेदनहीन बताया।

📊 छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार के महिला हितों से जुड़े कार्य भी गिनाए:

  • उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन
  • शौचालय निर्माण
  • महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता

🔍 राजनीतिक संदेश क्या है?

इस पूरे बयान के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की:

  • वह महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है
  • विपक्ष को “महिला विरोधी” दिखाया जा रहा है
  • आगामी चुनावों में इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है

🧾 निष्कर्ष

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पास न होना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
जहां भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों का सवाल बता रही है, वहीं विपक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस और चुनावी रणनीति दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है।

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