
रायपुर। कांग्रेस की दिल्ली में प्रस्तावित अहम बैठक से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस और उसके प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुकी है और अब उसमें जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर कोई ऊर्जा या दिशा नहीं बची है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक बयानबाजी और छोटे-छोटे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने में लगी हुई है, जबकि जनहित के वास्तविक मुद्दों पर उसका ध्यान नहीं है।

“दीपक बैज अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि वह अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए लगातार बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दीपक बैज की स्थिति “डूबते हुए आदमी” जैसी हो गई है, जो किसी भी तरह खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। चंद्राकर के मुताबिक, कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर होता जा रहा है और उसके नेता जनता के बीच अपना प्रभाव खो चुके हैं।
कांग्रेस पर मुद्दों की कमी का आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के पास अब जनता से जुड़े कोई बड़े मुद्दे नहीं बचे हैं। इसलिए पार्टी छोटी घटनाओं को बड़ा बनाकर राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति कर रही है, जबकि विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर उसकी कोई स्पष्ट रणनीति दिखाई नहीं देती।
E20 फ्यूल विवाद पर भूपेश बघेल को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा E20 फ्यूल को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल पहले अखबारों से जानकारी लेते हैं और फिर उसी आधार पर बयान देते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस विषय पर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हैं और उन्हें अदालत से भी अनुमति मिल चुकी है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय महत्व के विषयों को समझने के बजाय केवल राजनीतिक विरोध के लिए बयान देती है।
“कांग्रेस एक परिवार की राजनीति में व्यस्त”
अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस का पूरा ध्यान देश और जनता के मुद्दों से ज्यादा एक परिवार की राजनीति पर केंद्रित है।
उनके अनुसार, पार्टी संगठन मजबूत करने और जनहित के विषयों पर काम करने के बजाय केवल नेतृत्व परिवर्तन और आंतरिक राजनीति में उलझी हुई है।
भोरमदेव मंदिर विवाद पर कांग्रेस पर पलटवार
भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर भी चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है और उसकी सोच सनातन परंपराओं के विरोध में रही है।
चंद्राकर का कहना था कि धार्मिक विषयों को कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है, जबकि भाजपा आस्था और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करती है।
भाजपा कार्यकर्ताओं के इस्तीफे पर कांग्रेस को घेरा
भाजपा के 111 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस द्वारा सरकार और संगठन पर उठाए गए सवालों पर भी चंद्राकर ने जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक मंडल स्तर तक सीमित था, लेकिन कांग्रेस ने इसे पूरे प्रदेश का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की।
उनके अनुसार, कांग्रेस “तिल का ताड़” बनाने की राजनीति कर रही है क्योंकि उसके पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों का अभाव है।
“कांग्रेस नेताओं को अब रोजगार तलाशना चाहिए”
कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि पार्टी जनकल्याण के मुद्दों से पूरी तरह दूर हो चुकी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अब अपना भविष्य देखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा—
- कोई नेता तेलंगाना जाकर राजनीतिक अवसर तलाशे।
- कोई कर्नाटक में अपनी भूमिका खोजे।
- क्योंकि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए अब कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा है।
उन्होंने कांग्रेस को “आत्ममुग्ध पार्टी” बताते हुए कहा कि पार्टी अपनी कमजोरियों को स्वीकार करने के बजाय केवल विरोध की राजनीति कर रही है।
कांग्रेस के आंतरिक पत्र पर भी उठाए सवाल
हाल ही में कांग्रेस संगठन की ओर से प्रदर्शन और कार्यक्रमों को लेकर जारी किए गए आंतरिक पत्र पर भी अजय चंद्राकर ने टिप्पणी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की अभिव्यक्ति पर रोक लगा दी है।
चंद्राकर ने कहा कि पार्टी में केवल तीन-चार नेता ही प्रचार और बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि बाकी नेताओं को खुलकर बोलने की आजादी नहीं है।
उन्होंने इसे कांग्रेस के भीतर “इमरजेंसी जैसी स्थिति” बताते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक दल में इस तरह की व्यवस्था उचित नहीं मानी जा सकती।
राजनीतिक माहौल गरमाने के संकेत
दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित बैठक से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति और नेतृत्व पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस लगातार राज्य सरकार और भाजपा की नीतियों को लेकर हमलावर है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



