
बिलासपुर। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के जन्मदिन समारोह को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला आया है। अदालत ने अभिनेता के प्रशंसकों को सार्वजनिक सड़क पर नहीं, बल्कि निजी परिसर में सशर्त तरीके से जन्मदिन मनाने की अनुमति दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि आयोजन के दौरान यातायात, कानून-व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और आम जनता की सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

यह मामला पिछले वर्ष हुए सड़क जाम और कानून-व्यवस्था की स्थिति से जुड़ा होने के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा।
क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर निवासी और अभिनेता संजय दत्त के प्रशंसक गुरुदेव अवस्थी ने 29 जुलाई को संजय दत्त का जन्मदिन मनाने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी।
उन्होंने इस संबंध में बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन एसडीएम ने 21 जुलाई 2026 को अनुमति देने से इनकार कर दिया।
एसडीएम ने क्यों खारिज किया आवेदन?
एसडीएम ने अपने आदेश में कहा कि पिछले वर्ष भी गुरुदेव अवस्थी और उनके साथियों ने बिलासपुर के मध्यनगरी चौक जैसी व्यस्त सार्वजनिक सड़क पर संजय दत्त का जन्मदिन मनाया था।
उस दौरान—
- मुख्य सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।
- यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था।
- कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी।
- आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए इस वर्ष अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता
एसडीएम के फैसले के खिलाफ गुरुदेव अवस्थी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई जस्टिस ए. के. प्रसाद की एकलपीठ (सिंगल बेंच) में हुई।
कोर्ट में क्या दिया गया आश्वासन?
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि इस बार कार्यक्रम पहले की तरह किसी सड़क, चौक या सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नहीं किया जाएगा।
कोर्ट को बताया गया कि—
- कार्यक्रम बिलासपुर शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर कोनी स्थित “द कंट्री क्लब” के निजी एवं बंद हॉल में आयोजित होगा।
- आयोजन पूरी तरह निजी परिसर में रहेगा।
- सार्वजनिक यातायात प्रभावित नहीं होगा।
- ध्वनि प्रदूषण संबंधी सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
- पर्यावरण और प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
- आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
राज्य सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार की ओर से डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट शोभित मिश्रा ने अदालत को बताया कि अब आयोजन स्थल बदल दिया गया है और यह निजी परिसर में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि आयोजक सभी नियमों के पालन का शपथपत्र देने को तैयार हैं, तो प्रशासन को नियमानुसार अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं है।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आयोजकों को सशर्त अनुमति प्रदान की।
अदालत ने स्पष्ट किया कि—
- समारोह केवल निजी परिसर में ही आयोजित होगा।
- सार्वजनिक सड़क या चौक पर कोई कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।
- यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
- ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन होगा।
- कानून-व्यवस्था बिगड़ने जैसी कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए।
- प्रशासन द्वारा तय सभी शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।
यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकेगा।
पिछले साल क्यों बना था मामला?
बीते वर्ष संजय दत्त के जन्मदिन पर उनके प्रशंसकों ने बिलासपुर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक मध्यनगरी चौक पर बड़ा आयोजन किया था।
उस दौरान—
- बड़ी संख्या में प्रशंसक सड़क पर जमा हो गए थे।
- वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
- शहर का यातायात प्रभावित हुआ था।
- आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी।
इस घटना की खबरें मीडिया में आने के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी और कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था।
अदालत का संदेश
इस मामले में हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि किसी भी व्यक्ति या फिल्मी सितारे के प्रति प्रशंसकों का उत्साह स्वागतयोग्य है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात और आम नागरिकों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता।
अदालत ने यह भी माना कि यदि कोई आयोजन निजी परिसर में, सभी कानूनी और प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए किया जाता है, तो उसे अनावश्यक रूप से रोका नहीं जाना चाहिए। वहीं आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे उत्सव के दौरान कानून, पर्यावरण और सार्वजनिक हित से जुड़े सभी नियमों का पूरी तरह पालन करें।



