कबीर धाम(कवर्धा)छत्तीसगढ़

कबीरधाम में मलेरिया का प्रकोप: 35 ग्रामीण संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के बाद अब कबीरधाम (कवर्धा) जिले में भी मलेरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश के बीच बोड़ला विकासखंड के मुड़वाही गांव में पिछले करीब 15 दिनों से मलेरिया के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच और उपचार अभियान शुरू कर दिया है।

1,270 से अधिक लोगों की जांच, 35 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि

स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में व्यापक सर्वे और जांच अभियान चलाया गया। अब तक 1,270 से अधिक ग्रामीणों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 35 लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में करीब 6 बच्चे भी शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।

20 मरीज अस्पताल में भर्ती

मलेरिया से संक्रमित 20 मरीजों का इलाज झलमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में किया जा रहा है। बाकी मरीजों को आवश्यक दवाइयां देकर घर पर निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

तीन मौतों से ग्रामीणों में चिंता

गांव के लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में अलग-अलग बीमारियों के कारण तीन लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मौतों का कारण मलेरिया होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है।

हर साल बारिश में बढ़ता है मलेरिया का खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार मुड़वाही गांव में हर वर्ष मानसून के दौरान मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

गांव में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में विशेष शिविर लगाया है। यहां लोगों की जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है—

  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
  • नालियों और पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई करें।
  • मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम या कॉइल का इस्तेमाल करें।
  • पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर कर उपयोग करें।
  • बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं।

बीएमओ ने क्या कहा?

बोड़ला के बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि मलेरिया की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मुड़वाही गांव पहुंच गई थी। बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें अब तक 35 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। उन्होंने बताया कि 20 मरीज झलमला सीएचसी में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का उपचार गांव में ही किया जा रहा है। सभी संक्रमितों की स्थिति में सुधार है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विभाग ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य टीम का सहयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की है।

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