Crude Oil Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में फिर तेजी, जानें पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

Business Desk: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात ने तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की ओर से नए हमलों की खबरों के बीच बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों के दाम ऊपर चढ़े हैं।
पिछले कुछ दिनों में लगातार गिरावट के चलते कच्चे तेल की कीमतें करीब पांच सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थीं। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के कारण अब बाजार में फिर से तेजी का रुख दिखाई देने लगा है।

WTI और ब्रेंट क्रूड के दाम में कितनी तेजी?
बुधवार सुबह 6:35 बजे WTI क्रूड की कीमत 1.03% बढ़कर 90.362 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 1.16% की बढ़त के साथ 101.740 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
पिछले एक महीने के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी। लेकिन अब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो रही हैं, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को लेकर बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर तेल की सप्लाई पर पड़ने की आशंका है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में जहाजों पर हमले फिर से तेज कर दिए हैं। इसके अलावा सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती के बीच भी झड़प जारी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। यही वजह है कि तनाव बढ़ते ही निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों पर टिक गई है।
सप्लाई बढ़ने से मिली कुछ राहत
हालांकि, तनाव के बीच तेल की आपूर्ति को लेकर कुछ राहत भी मिली है। फारस की खाड़ी से तेल सप्लाई में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन ने भी करीब पूरी क्षमता के साथ दोबारा काम शुरू कर दिया है।
तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए G5 समूह की ओर से आने वाले चार महीनों में करीब 100 मिलियन बैरल तेल की आपूर्ति किए जाने की बात कही गई है। इससे आने वाले दिनों में बाजार में सप्लाई को लेकर दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है।
भारत में पेट्रोल-डीजल पर क्या पड़ा असर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव बढ़ने से भारतीय तेल कंपनियों की खरीद लागत पर असर पड़ता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में ताजा तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट अभी भी पुराने स्तर पर बने हुए हैं।
दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12/लीटर, डीजल ₹95.20/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹111.21/लीटर, डीजल ₹97.83/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51/लीटर, डीजल ₹99.82/लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76/लीटर, डीजल ₹99.55/लीटर
- गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.97/लीटर, डीजल ₹95.64/लीटर
- नोएडा: पेट्रोल ₹101.96/लीटर, डीजल ₹95.44/लीटर
आगे क्या रहेगा कच्चे तेल का रुख?
कच्चे तेल की कीमतों की दिशा फिलहाल पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर काफी हद तक निर्भर रहने वाली है। अगर अमेरिका-ईरान तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ता है तथा तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कीमतों पर दोबारा दबाव बढ़ सकता है। वहीं, सप्लाई सामान्य रहने और तनाव कम होने की स्थिति में बाजार में कीमतों पर नरमी भी लौट सकती है।



