छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल बना देशभर के लिए उदाहरण…

Chhattisgarh का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव Narendra Bhushan ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तकनीकी सुधारों और डिजिटल नवाचारों की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए।

लगातार बढ़ रही है केंद्र सरकार की दिलचस्पी

पिछले दो महीनों में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का यह तीसरा दौरा है। इससे साफ है कि छत्तीसगढ़ में लागू—

  • स्मार्ट रजिस्ट्री सिस्टम
  • ऑटो म्यूटेशन प्रक्रिया
  • डिजिटल भूमि पंजीयन सेवाएं

राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

महानदी भवन में हुई हाई लेवल समीक्षा

दो दिवसीय दौरे के दौरान नरेंद्र भूषण ने Mahanadi Bhawan में पंजीयन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली।

बैठक में भारत सरकार के—

  • संयुक्त सचिव Nitin Khade
  • निदेशक Shyam Kumar

भी मौजूद रहे।

वहीं राज्य सरकार की ओर से—

  • सचिव पंजीयन Bhuvnesh Yadav
  • महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक Pushpendra Kumar Meena

ने विभाग के सुधारों और उपलब्धियों का प्रेजेंटेशन दिया।

क्या-क्या सुधार किए गए?

प्रस्तुतीकरण में पिछले दो वर्षों में लागू कई महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी गई। इनमें शामिल हैं—

  • रजिस्ट्री प्रक्रिया का डिजिटलीकरण
  • नागरिक सेवाओं का ऑनलाइन विस्तार
  • दस्तावेजों की पारदर्शी प्रोसेसिंग
  • समयबद्ध सेवा वितरण
  • ऑटो म्यूटेशन सिस्टम
  • भ्रष्टाचार और मानवीय हस्तक्षेप में कमी
  • रिकॉर्ड प्रबंधन को हाईटेक बनाना

अधिकारियों ने “नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म” की भी जानकारी दी, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।

क्या है ऑटो म्यूटेशन सिस्टम?

पहले जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद नामांतरण (म्यूटेशन) के लिए अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। इसमें समय और परेशानी दोनों होती थी।

अब छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री पूरी होते ही जमीन का रिकॉर्ड स्वतः अपडेट होने लगा है। यानी—

  • खरीदार का नाम रिकॉर्ड में अपने आप जुड़ जाता है
  • अलग से आवेदन की जरूरत कम होती है
  • प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनती है

यही सिस्टम केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है।

स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण

इसके बाद अधिकारियों ने CBD Nava Raipur Atal Nagar स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया को करीब से देखा।

निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि—

  • नागरिक ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं
  • दस्तावेज डिजिटल रूप से प्रोसेस होते हैं
  • रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल सिस्टम में स्टोर किए जाते हैं
  • पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी गई है

मुख्यमंत्री और मंत्री की सराहना

सचिव नरेंद्र भूषण ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और पंजीयन मंत्री OP Choudhary की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर लागू हो सकता है मॉडल

निरीक्षण के बाद नरेंद्र भूषण ने कहा कि छत्तीसगढ़ का स्मार्ट ऑफिस मॉडल—

  • पारदर्शी
  • सरल
  • तकनीक आधारित
  • नागरिक हितैषी

है और इसे देशभर में लागू करने की दिशा में नीति स्तर पर विचार किया जा सकता है।

उन्होंने भरोसा जताया कि तकनीक आधारित रजिस्ट्री सेवाओं के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश का मार्गदर्शन करेगा।

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