छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में और मजबूत होगी इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम

Amit Shah के 18 मई के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राजधानी Raipur समेत पूरे राज्य में डायल-112 सेवा को मजबूत करने के लिए 400 से ज्यादा नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ियां सड़कों पर उतरेंगी। इन वाहनों को केंद्रीय गृहमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

क्या है डायल-112 सेवा?

डायल-112 देशभर में लागू एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली है, जिसके जरिए पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी इमरजेंसी सहायता एक ही नंबर पर उपलब्ध कराई जाती है। छत्तीसगढ़ में यह सेवा पहले से संचालित है, लेकिन अब नई हाईटेक गाड़ियों के जुड़ने से इसकी क्षमता कई गुना बढ़ने वाली है।

नई गाड़ियों की खासियत

प्रदेश में तैनात की जा रही नई डायल-112 गाड़ियों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा फीचर्स से लैस किया गया है। इनमें शामिल हैं—

  • हाई सिक्योरिटी सिस्टम
  • GPS ट्रैकिंग सुविधा
  • सीसीटीवी कैमरे
  • वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स उपकरण
  • तेज रिस्पॉन्स के लिए आधुनिक कंट्रोल सिस्टम
  • रात में निगरानी और पेट्रोलिंग के लिए बेहतर लाइटिंग सिस्टम

इन वाहनों का उद्देश्य घटनास्थल तक पुलिस और राहत टीम की पहुंच को पहले से ज्यादा तेज बनाना है।

अमित शाह के दौरे से पहले तैयारियां तेज

केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। नई गाड़ियों में बड़े पैमाने पर पेट्रोल और डीजल भरवाया जा रहा है। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में डायल-112 वाहन कतार में नजर आए।

हालांकि इन दिनों पेट्रोल-डीजल सप्लाई को लेकर दिक्कतों की खबरें भी सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग वाहनों को समय पर संचालन के लिए तैयार कर रहा है।

आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा?

नई डायल-112 गाड़ियों के आने से आम नागरिकों को कई स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है—

  • दुर्घटना या अपराध की सूचना पर तेजी से रिस्पॉन्स
  • ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक बेहतर पहुंच
  • महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा में मदद
  • रात्रि गश्त और निगरानी मजबूत होगी
  • आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध होगी

पूरे प्रदेश में होगी तैनाती

सूत्रों के मुताबिक, इन 400 से अधिक वाहनों को अलग-अलग जिलों में जरूरत के हिसाब से तैनात किया जाएगा। राजधानी रायपुर के अलावा दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जगदलपुर और सरगुजा संभाग के जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि डायल-112 सेवा को अधिक आधुनिक, तेज और भरोसेमंद बनाया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को कम समय में सहायता मिल सके।

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