छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, उमस और गर्मी से लोग बेहाल, अगले कुछ दिनों में बारिश के आसार..

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों की अच्छी बारिश के बाद अब प्रदेश के अधिकांश मध्य क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां कम हो गई हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

मध्य छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, सरगुजा और बस्तर में जारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार इस समय प्रदेश में मौसम का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न है।
- रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, महासमुंद और आसपास के मध्य क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है।
- वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है।
- इसी कारण प्रदेश में मौसम असमान बना हुआ है।
राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। तेज धूप न होने के बावजूद अत्यधिक नमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई को रायपुर में—
- आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा।
- गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
- अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
यदि दोपहर या शाम के समय बारिश होती है तो तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है।
अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले पांच दिनों में विशेष रूप से उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है।
पूर्वानुमान के अनुसार—
- उत्तर छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होगी।
- प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
- कुछ क्षेत्रों में वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है।
रविवार को कैसा रहा मौसम?
रविवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान पेंड्रा रोड में सबसे अधिक 35.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
बारिश कम होने के कारण कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा और लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा।
मानसून की चाल क्यों हुई धीमी?
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर हुई हैं, जिसका मुख्य कारण मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) की वर्तमान स्थिति है।
वर्तमान में मानसून द्रोणिका—
- श्रीगंगानगर
- हिसार
- मेरठ
- शाहजहांपुर
- गोरखपुर
- मुजफ्फरपुर
से होकर दक्षिण-पूर्व दिशा में दक्षिण असम तक फैली हुई है।
इसके अलावा उत्तर-पूर्व बिहार और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है।
इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में फिलहाल सीमित वर्षा हो रही है।
दो दिनों बाद फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
संभावना है कि—
- प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दायरा बढ़ेगा।
- गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी।
- कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
- तापमान में गिरावट आने से उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि—
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
- वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।
- उमस और गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- किसान मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां दोबारा तेज होंगी और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।



