कोल लेवी केस में देवेंद्र यादव समेत 9 आरोपियों की पेशी, कोर्ट पहुंचे विधायक बोले- न्यायालय पर भरोसा, सरकार पर नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी मामले में सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हो रही है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी समेत मामले से जुड़े आरोपियों को अदालत में पेश होना है। विशेष अदालत ने कुल नौ आरोपियों को समन जारी किया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से मामले में अंतिम आरोपपत्र पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

देवेंद्र यादव बोले- न्यायालय पर भरोसा
कोर्ट पहुंचने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जांच चलने के बाद अब आरोपपत्र पेश किया जा रहा है और वे अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
यादव ने खुद को कांग्रेस और राहुल गांधी का सिपाही बताते हुए कहा कि पहले भी मुश्किल परिस्थितियां उनका हौसला नहीं तोड़ सकीं और मौजूदा कार्रवाई से भी वे पीछे नहीं हटेंगे।
चिंतामणि महाराज को लेकर भी उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए चिंतामणि महाराज का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआती जांच में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उनका नाम मामले से हटा दिया गया। यादव ने इसे लेकर जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाया।
यह आरोप देवेंद्र यादव की ओर से लगाया गया है; मामले में संबंधित पक्ष का जवाब अलग से सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
क्या है कोल लेवी मामला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली किए जाने का कथित नेटवर्क संचालित था। ED की जांच के अनुसार इस अवधि में करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित राशि का पता चला है। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल प्रभावशाली लोगों, अधिकारियों और अन्य माध्यमों तक पैसा पहुंचाने तथा संपत्तियां बनाने में किया गया।
EOW की अंतिम चार्जशीट पर नजर
मौजूदा EOW प्रकरण में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कथित कोल लेवी सिंडिकेट से जुड़ी रकम का आंकड़ा करीब 570 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। एजेंसी आज मामले में अंतिम आरोपपत्र पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
इस मामले में देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय और विनोद तिवारी सहित कई राजनीतिक और प्रशासनिक नाम जांच के दायरे में रहे हैं। ED ने पहले भी इनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों पर कार्रवाई और कथित वित्तीय संबंधों का उल्लेख किया है।



