कोरियाछत्तीसगढ़

रिसाइक्लिंग प्लांट में गंदगी का अंबार, कचरा खाकर बीमार हो रहे गोवंश; दुर्गंध से लोग परेशान

कोरिया। बैकुंठपुर नगर पालिका क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शहर की सब्जी मंडी के बीचों-बीच स्थित एसएलआरएम (Solid Liquid Resource Management) सेंटर के आसपास बड़ी मात्रा में कचरा खुले में पड़ा हुआ है। शहर से रोजाना एकत्र किए जाने वाले कचरे को प्लांट परिसर के भीतर और बाउंड्री के बाहर खुले स्थानों पर फेंके जाने की वजह से यहां गंदगी का अंबार लग गया है।

कई दिनों तक कचरा पड़े रहने के कारण उसमें सड़न शुरू हो गई है। इससे आसपास के इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि खुले में पड़े कचरे के बीच घुमंतू गोवंशों के झुंड पहुंच रहे हैं और प्लास्टिक समेत अन्य कचरा खा रहे हैं।

खुले में पड़ा कचरा बना गोवंशों के लिए खतरा

स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों और जानकारी के अनुसार, एसएलआरएम सेंटर के आसपास कचरे का उचित तरीके से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कचरे के ढेर में खाने-पीने की बची सामग्री के साथ प्लास्टिक और अन्य वेस्ट मटेरियल भी मौजूद रहता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में घुमंतू मवेशी कचरे के ढेर के आसपास पहुंच जाते हैं।

गोसेवकों का कहना है कि कचरा खाने के कारण कई गोवंशों की तबीयत खराब हो रही है। उनके मुताबिक, मवेशियों में बार-बार फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या देखने को मिल रही है और बीमार गोवंशों का उपचार भी कराया जा रहा है।

गौसेवक अनुराग दुबे ऐसे बीमार गोवंशों के इलाज में मदद कर रहे हैं। उनका कहना है कि खुले में पड़ा कचरा मवेशियों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। कचरे में मौजूद प्लास्टिक और अन्य अनुपयोगी सामग्री के सेवन से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

गौ सेवा आयोग ने भी जताई चिंता

मामले को लेकर गौ सेवा आयोग के कोरिया जिला अध्यक्ष रेवा यादव ने भी नगर पालिका प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की अपील की है। उन्होंने गोवंशों को खुले में पड़े कचरे तक पहुंचने से रोकने के साथ ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को व्यवस्थित करने की जरूरत बताई है।

स्थानीय लोगों और गोसेवकों का कहना है कि यदि कचरे का नियमित उठाव और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

सब्जी मंडी के बीच प्लांट, दुर्गंध से लोगों की परेशानी

एसएलआरएम सेंटर का स्थान भी इस मामले को महत्वपूर्ण बनाता है। यह क्षेत्र सब्जी मंडी के बीच स्थित है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सेंटर के आसपास लंबे समय तक कचरा जमा रहने से केवल गोवंशों के स्वास्थ्य को लेकर ही चिंता नहीं है, बल्कि स्थानीय पर्यावरण और लोगों के लिए भी परेशानी की स्थिति बन रही है।

कचरा सड़ने के कारण दुर्गंध फैलने की शिकायत सामने आ रही है। इससे आसपास के दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं और आम लोगों को परेशानी होने की बात कही जा रही है।

घुमंतू मवेशियों को व्यवस्थित करने के निर्देश के बीच उठे सवाल

एक ओर जिला प्रशासन की ओर से शहर की सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को व्यवस्थित स्थानों पर रखने को लेकर नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर एसएलआरएम सेंटर के आसपास खुले में कचरा पड़ा होने से इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।

यदि घुमंतू गोवंशों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था की जा रही है, तो कचरा संग्रहण और उसके निस्तारण की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खुले में कचरा रहने से मवेशी दोबारा उन्हीं स्थानों पर पहुंच सकते हैं और उनके बीमार होने का खतरा बना रह सकता है।

CMO ने जल्द व्यवस्था सुधारने का दिया आश्वासन

मामले को लेकर बैकुंठपुर नगर पालिका परिषद के CMO तरुण एक्का ने जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से कचरे के खुले में पड़े रहने और उससे पैदा हो रही समस्या को दूर करने की बात कही गई है।

अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका प्रशासन एसएलआरएम सेंटर के आसपास जमा कचरे को हटाने, नियमित कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने और गोवंशों को कचरा खाने से रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

कचरा प्रबंधन पर उठ रहे ये सवाल

  • एसएलआरएम सेंटर के आसपास कचरा खुले में क्यों पड़ा है?
  • कई दिनों तक कचरे का निस्तारण क्यों नहीं हो रहा?
  • खुले कचरे तक घुमंतू गोवंशों की पहुंच रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं है?
  • कचरा खाने से बीमार होने वाले गोवंशों के उपचार और संरक्षण की क्या व्यवस्था है?
  • सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका क्या कदम उठाएगी?

स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल कचरा हटाने तक सीमित कार्रवाई न करते हुए कचरे के नियमित संग्रहण, पृथक्करण, रिसाइक्लिंग और सुरक्षित निस्तारण की पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि लोगों को दुर्गंध से राहत मिलने के साथ-साथ गोवंशों को भी कचरा खाने से बचाया जा सके।

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