
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए इवेंट इंडस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और नए पर्यटकों को आकर्षित करने में इवेंट मैनेजर्स के अनुभव और रचनात्मकता का उपयोग किया जाना चाहिए। यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में आयोजित ‘इकॉन-2026’ इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में कही।
उप मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से रायपुर पहुंचे इवेंट मैनेजर्स और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इवेंट मैनेजमेंट अब केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से एक बड़े उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है। इसके माध्यम से पर्यटन, रोजगार, स्थानीय उत्पादों और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ की पहचान को देशभर में पहुंचाने का अवसर
अरुण साव ने कहा कि इकॉन-2026 जैसा आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। देश के विभिन्न राज्यों से आए इवेंट मैनेजर्स प्रदेश की संभावनाओं को करीब से समझ सकते हैं और भविष्य में यहां बड़े आयोजनों की योजना बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास ऐसी कई खूबियां हैं, जो इसे इवेंट और टूरिज्म सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बना सकती हैं। यहां की जनजातीय संस्कृति, लोक कला, परंपराएं, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक स्थल और पर्यटन केंद्र देश-दुनिया के लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इससे पर्यटन से जुड़े निवेश और गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र के विकास को केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इसे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से जोड़कर देख रही है। पर्यटन का विस्तार होने से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है।
मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा छत्तीसगढ़
अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। प्रदेश में प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ऐसे कई स्थान हैं, जहां विवाह समारोह, डेस्टिनेशन वेडिंग और दूसरे बड़े आयोजन किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ की इन संभावनाओं को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
इवेंट मैनेजर्स से पर्यटन स्थल देखने की अपील
उप मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों से आए इवेंट मैनेजर्स से आग्रह किया कि वे केवल कॉन्क्लेव तक सीमित न रहें, बल्कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को समझें। जब इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोग स्वयं छत्तीसगढ़ की विविधता को देखेंगे, तो वे इसे अपने नेटवर्क और आयोजनों के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचा सकेंगे।
नवाचार से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
अरुण साव ने कहा कि इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग और नवाचार हो रहे हैं। इन नवाचारों का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजन आयोजन, कॉर्पोरेट इवेंट, डेस्टिनेशन वेडिंग और अन्य राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम प्रदेश में आयोजित होने से पर्यटन गतिविधियों को गति मिल सकती है। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, व्यवसायियों, होटल संचालकों, परिवहन क्षेत्र और अन्य सेवा प्रदाताओं को भी नए अवसर मिलेंगे।
अनुभव साझा करने और नए अवसर तलाशने का आह्वान
उप मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में शामिल प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने-अपने अनुभव साझा करें और इवेंट इंडस्ट्री में मौजूद नए अवसरों पर मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के विशेषज्ञों के अनुभव और छत्तीसगढ़ की स्थानीय क्षमता के बीच बेहतर समन्वय से नए मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ ऐसा है, जिसे अभी देश-दुनिया के सामने व्यापक रूप से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। इवेंट इंडस्ट्री इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बन सकती है।
पर्यटन, संस्कृति और रोजगार को एक साथ बढ़ावा
इकॉन-2026 जैसे आयोजनों के जरिए प्रदेश में इवेंट इंडस्ट्री, पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाएं बन रही हैं। यदि बड़े आयोजनों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और स्थानीय संस्कृति से जोड़ा जाता है, तो इससे प्रदेश की पहचान मजबूत होने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अंत में ‘इकॉन-2026’ की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि कॉन्क्लेव से नए विचार, साझेदारी और अवसर सामने आएंगे।




