बिहार में क्षत्रिय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की 7 गोलियां मारकर हत्या, पत्नी ने पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में गुरुवार सुबह दिनदहाड़े हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नवादा थाना क्षेत्र के जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह अपने बेटे के साथ सुबह की सैर पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। वहीं, मृतक की पत्नी सुशीला देवी ने जमीन विवाद को हत्या की वजह बताते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से जमीन विवाद को लेकर आशंका जताई गई है, हालांकि हत्या के वास्तविक कारण और हमलावरों की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुबह टहलने निकले थे रामकुमार सिंह, बाइक सवार हमलावरों ने की फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह अपने बेटे के साथ टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान कनकपुरी मोहल्ले में बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया और उन पर लगातार गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस वारदात से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि रामकुमार सिंह को सात गोलियां लगीं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाने और वारदात के क्रम को समझने में लगी है। हमलावर किस दिशा से आए और वारदात को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए, इन बिंदुओं की जांच की जा रही है।
14 कट्ठा जमीन का विवाद, पत्नी ने हत्या के पीछे जताई साजिश की आशंका
मृतक की पत्नी सुशीला देवी ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार का 14 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उनके मुताबिक, इस जमीन को लेकर परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में मुफस्सिल थाने में आवेदन देने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
सुशीला देवी ने जमीन विवाद को अपने पति की हत्या से जोड़ते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाती, तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के जरिए ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन विवाद का हत्या से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
थाना प्रभारी और अंचलाधिकारी पर भी लगाए गंभीर आरोप
रामकुमार सिंह की पत्नी ने मुफस्सिल थाना अध्यक्ष राम कल्याण यादव और अंचलाधिकारी अंकिता सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सुशीला देवी का दावा है कि जमीन विवाद से संबंधित शिकायत पर पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी पर भी कथित रूप से पैसे लेकर दूसरे पक्ष के नाम जमीन के दस्तावेज तैयार कराने का आरोप लगाया है।
ये आरोप फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित अधिकारियों का पक्ष और इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है। इसलिए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, पहले दी गई शिकायतों और विवाद की पृष्ठभूमि की जांच करती है या नहीं। साथ ही, यदि किसी शिकायत को पहले स्वीकार नहीं किया गया था, तो उससे संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल भी मामले की जांच में अहम हो सकती है।
घटनास्थल पर पहुंचे भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित
हत्या की सूचना मिलने के बाद भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। एसपी के मुताबिक, रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या की गई है। परिवार की ओर से जमीन विवाद को घटना की वजह बताया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिवार की ओर से जो भी आवेदन दिया जाएगा और जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल हत्या की वजह का पता लगाना, हमलावरों की पहचान करना और वारदात में शामिल लोगों तक पहुंचना है।
जल्द गिरफ्तारी का एसपी ने दिया भरोसा
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने घटना में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी या हत्या के पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे कौन-सी वजह थी।
जमीन विवाद और हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
रामकुमार सिंह की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस वारदात का संबंध 14 कट्ठा जमीन के विवाद से है। परिजनों ने जमीन को लेकर पहले से धमकी मिलने और शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है।
जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित धमकियों, शिकायतों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच से मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद ही हत्या की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल भोजपुर में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह की दिनदहाड़े हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।



