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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का बड़ा एक्शन: दो आदतन अपराधियों को किया जिलाबदर, 6 जिलों की सीमाओं से निष्कासित

रायपुर। आदतन और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कार्रवाई की है। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए दो आदतन अपराधियों विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर और ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) ने दोनों आरोपियों को रायपुर समेत आसपास के कुल छह जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश जारी किया है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ लंबे समय से अलग-अलग गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होते रहे हैं। इनके आपराधिक रिकॉर्ड, संबंधित पुलिस उपायुक्तों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों का परीक्षण करने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बन रहा था और लोक शांति एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की आशंका थी।

छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बताया गया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। इस प्रावधान के तहत ऐसे व्यक्तियों को संबंधित क्षेत्र से बाहर करने की कार्रवाई की जा सकती है, जिनकी लगातार आपराधिक गतिविधियों से सार्वजनिक व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति बन रही हो।

पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की स्थिति को भी ध्यान में रखा। इसके बाद दोनों को निर्धारित अवधि के लिए छह जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।

विकास उर्फ भीम पर दर्ज हैं 9 आपराधिक मामले

पहला आरोपी विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर, पिता रामसेवा मधुकर, उम्र 26 वर्ष, इंदिरा नगर, शुक्रवारी बाजार, बीरगांव, थाना उरला, जिला रायपुर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह वर्ष 2018 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

उसके खिलाफ थाना उरला में कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, अश्लील गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने और जुआ खेलने जैसे अपराध शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते उसके खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई, लेकिन उसके आचरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उसके कृत्यों से स्थानीय स्तर पर भय और असुरक्षा का माहौल बनने की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया।

3 महीने के लिए छह जिलों से बाहर रहेगा विकास

जारी आदेश के मुताबिक, विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर को 3 महीने के लिए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया है।

जिलाबदर की अवधि के दौरान वह सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना इन छह जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

ओम दुबे के खिलाफ 11 मामले दर्ज

दूसरा आरोपी ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे, पिता राजीव दुबे, उम्र 25 वर्ष, निवासी मोतीलाल नगर, सरस्वती नगर, थाना डी.डी. नगर, जिला रायपुर है। पुलिस के अनुसार, वह वर्ष 2017 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।

उसके खिलाफ थाना डी.डी. नगर में कुल 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, आपराधिक अभित्रास, अवैध हथियार रखने और अवैध गांजा बिक्री जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, ओम दुबे के खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों में अपेक्षित कमी नहीं आई। लगातार आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता और आम लोगों में भय का वातावरण बनने के कारण उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।

4 महीने के लिए छह जिलों की सीमा से निष्कासन

आदेश के अनुसार, ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे को 4 महीने के लिए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाबदर की अवधि में वह सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। पुलिस द्वारा आदेश की निगरानी और उसके पालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य ऐसे लोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, जिनकी आपराधिक गतिविधियों के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ की गई जिलाबदर की कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने वाले व्यक्तियों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई आगे भी की जाएगी।

छह जिलों की सीमाओं से निष्कासन

दोनों आरोपियों पर की गई कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें केवल रायपुर जिले से ही नहीं, बल्कि रायपुर के साथ दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद की राजस्व सीमाओं से भी बाहर रहने का आदेश दिया गया है। इससे जिलाबदर की कार्रवाई का दायरा व्यापक हो गया है और आरोपी निर्धारित अवधि तक इन क्षेत्रों में सामान्य रूप से प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

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