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छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की तैयारी, CM साय बोले- संसाधनों की कमी से पीछे नहीं रहेगा कोई खिलाड़ी

रायपुर। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं का भव्य सम्मान हुआ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान तीन वर्षों के लिए कुल 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए गए।

समारोह में राज्य खेल अलंकरण प्राप्त खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों के अलावा 540 अन्य खिलाड़ियों को नगद प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि खेल मैदान में खिलाड़ी की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि उसकी उपलब्धि से पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य प्रदेश में मौजूद प्रतिभाओं को तलाशना, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के लिए अवसर देना है।

खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना भी सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को सिर्फ प्रतियोगिता के समय प्रोत्साहन न मिले, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित बनाया जाए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची हाल ही में जारी की गई है। इससे इन खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवा यह देखेंगे कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद उन्हें सम्मान, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं, तो खेलों को करियर के रूप में अपनाने का उनका विश्वास और मजबूत होगा।

सरकार की यह नीति खेल प्रतिभाओं को मैदान में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके भविष्य की चिंता को भी कम करने वाली है।

बस्तर ओलंपिक से सामने आ रही ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। असली चुनौती इन प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षण देने और उचित मंच उपलब्ध कराने की है।

इसी उद्देश्य से राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर रही है। इसका असर युवाओं की भागीदारी में भी दिखाई दिया है।

पहले बस्तर ओलंपिक में करीब 1 लाख 65 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 लाख 91 हजार तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने इसे बस्तर में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और युवाओं में बढ़ते आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का खेल मैदान तक पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि यदि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर दिए जाएं तो वहां से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ सकते हैं।

सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से भी प्रतिभाओं को अवसर

बस्तर के साथ-साथ सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी स्थानीय युवाओं को खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया है। इन आयोजनों का उद्देश्य सिर्फ प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान करना और उन्हें आगे की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है।

छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से मौजूद खेल प्रतिभाओं को आधुनिक खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के खिलाड़ियों को जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की राह मिल सकती है।

पांच मिशन के जरिए खेलों को नई दिशा देने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए पांच मिशन पर काम कर रही है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन भी शामिल है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

इस मिशन के पीछे सरकार की सोच केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं है। इसका उद्देश्य प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, बेहतर कोचिंग, खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने तक पूरी व्यवस्था विकसित करना है।

यदि खिलाड़ी को शुरुआती स्तर से ही वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण और आधुनिक खेल सुविधाएं मिलें, तो उसकी उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और बेहतर हो सकती है।

कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में विकसित हो रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।

इन सुविधाओं के विकसित होने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर मैदान, प्रशिक्षण व्यवस्था और आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा उन खिलाड़ियों को मिल सकता है, जिन्हें पहले उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था।

राज्य में खेल अधोसंरचना का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का वातावरण तैयार होगा।

नवा रायपुर में 67 करोड़ की लागत से तीरंदाजी अकादमी

छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए नवा रायपुर में लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है।

तीरंदाजी में छत्तीसगढ़ के कई जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों की विशेष रुचि और प्राकृतिक क्षमता को देखते हुए यह अकादमी महत्वपूर्ण हो सकती है। विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलने से प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा।

इसके अलावा पंडरापाट में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में मौजूद नैसर्गिक तीरंदाजी प्रतिभा को निखारना है।

जनजातीय क्षेत्रों की प्राकृतिक प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों में कई युवाओं में खेलों की स्वाभाविक प्रतिभा मौजूद है। इन युवाओं को यदि आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिले तो वे बड़े स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

सरकार का जोर इसी प्राकृतिक प्रतिभा को व्यवस्थित प्रशिक्षण से जोड़ने पर है। इससे खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान और मजबूत हो सकती है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव बोले- प्रतिभाओं की कमी नहीं, अवसर बढ़ाने की जरूरत

उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक विविधता अलग-अलग खेलों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें पहचानने और पर्याप्त अवसर देने की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी पहलों से देश में खेलों को लेकर सकारात्मक वातावरण बना है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी मिल रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव की बात बताया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रही हैं।

तोखन साहू बोले- देश में खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करते हुए कहा कि हॉकी के जादूगर ने अपने खेल से भारत को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया।

उन्होंने कहा कि आज उनके पदचिह्नों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियां अलग-अलग खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने से देश में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इसका परिणाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आ रहा है।

बृजमोहन अग्रवाल ने जताया ओलंपिक पदकों का भरोसा

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के सामने बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों के साथ-साथ ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे।

उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

तीन वर्षों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिला सम्मान

राज्य खेल अलंकरण समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

इनमें प्रमुख रूप से:

  • शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार
  • शहीद कौशल यादव पुरस्कार
  • वीर हनुमान सिंह पुरस्कार
  • शहीद पंकज विक्रम सम्मान
  • शहीद विनोद चौबे सम्मान
  • मुख्यमंत्री ट्रॉफी

शामिल रहे।

इन पुरस्कारों के जरिए विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मान दिया गया।

2023-24 में इन खिलाड़ियों को मिला सम्मान

वर्ष 2023-24 में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार से मोनिका साहू (फेंसिंग), सुभाष लहरे (वेटलिफ्टिंग), अनुप यदु और राजेश राठौर (नेटबॉल), भूपेन्द्र कुमार गढ़े (सॉफ्टबॉल) तथा परमानंद (पैरा स्विमिंग) को सम्मानित किया गया।

शहीद कौशल यादव पुरस्कार दिपांशी नेताम (फेंसिंग), महेन्द्र धुर्वे (वॉलीबॉल), अमित कुमार (एथलेटिक्स) और राकेश कडती (सॉफ्टबॉल) को दिया गया।

वीर हनुमान सिंह पुरस्कार विकास ढीढ़ी (पैरा जूडो) को मिला।

शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सीता साहू, करन भारती, प्रियंका ठाकुर, शशांक मसीह, राजीव साहू, काजल, भूमिका उपाध्याय और अजिंक्या सिंह सम्मानित हुए।

वहीं शहीद विनोद चौबे सम्मान प्रवेश चढ्ढा, विजय बहादुर, लक्ष्मण लाल साहू, के. रवि शंकर और गिरिराज बागड़ी को प्रदान किया गया।

सीनियर वर्ग में बिलासपुर की पैरा व्हीलचेयर फेंसिंग टीम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी दी गई।

2024-25 के पुरस्कारों में भी कई खेल विधाएं शामिल

वर्ष 2024-25 में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार ज्ञानेश्वरी यादव, ईशान भटनागर, दिव्यांशु नेताम, भूमि गुप्ता, सोनम शर्मा, कलाराम पटेल और लोमेन्द्र साहू को मिला।

शहीद कौशल यादव पुरस्कार मानस भट्टाचार्य और सुखदेव को प्रदान किया गया, जबकि वीर हनुमान सिंह पुरस्कार अशोक कुमार साहू को दिया गया।

शहीद पंकज विक्रम सम्मान में सुमन यादव, रोहित रजक, गीतांजलि निर्मलकर, के.एस. साई प्रशांत, सुष्मिता सोम, रामकृष्ण साहू, स्वाति साहू, साकेत सामुएल, अमन तिवारी और मानसी डुंभरे सम्मानित हुए।

शहीद विनोद चौबे सम्मान प्रभा हुसैन, संगीता राजगोपालन, गामा यादव और प्रनय नन्द मजूमदार को दिया गया।

सीनियर महिला वर्ग में बिलासपुर की तीरंदाजी टीम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी मिली।

2025-26 में भी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन सम्मानित

वर्ष 2025-26 के लिए शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार से विकास कुमार, किरण पिस्दा, दीपांशी नेताम, सुजेय तंबोली, आयुष माखिजा, संजू देवी, रीमा राय, मिशा कुमारी और लक्की यादव सम्मानित हुए।

शहीद कौशल यादव पुरस्कार दिव्यांशु देवांगन, विक्रम राज, दिव्यांश अग्रवाल, सोनिका राजवाड़े, स्वप्निल प्रधान, भूमिका चौधरी, पूजा और निखिल कुमार यादव को दिया गया।

वीर हनुमान सिंह पुरस्कार अजय दीप सारंग को मिला।

शहीद पंकज विक्रम सम्मान से संस्कार दिवान, विद्या सिंह, अंकुश सिंह, झमिता साहू, हेमशिखर, अरन्दिम देवनाथ, स्नेहा न्योगी, अनमोल सिंह, यश केरकेट्टा, टुकेश साहू, सेमेश्वर सिंह, श्रीकांत पाण्डे और खुशाल यादव सम्मानित हुए।

शहीद विनोद चौबे सम्मान गंगेश्वर, ख्वाजा अहमद, एवन कुमार जैन, मो. अकरम खान और प्रदीप जोशी को प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ट्रॉफी तीरंदाजी सीनियर महिला टीम और सॉफ्ट टेनिस जूनियर बालिका टीम को दी गई।

666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिला प्रोत्साहन

राज्य खेल अलंकरण समारोह की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक यह रही कि सम्मान और प्रोत्साहन का दायरा केवल राज्य खेल अलंकरण पाने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा।

कुल 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण मिला, जबकि 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

यह आर्थिक सहायता खिलाड़ियों को आगे की तैयारी, प्रशिक्षण, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए मददगार साबित हो सकती है।

खेल को करियर बनाने का भरोसा बढ़ेगा

सरकार की ओर से पुरस्कार, शासकीय सेवा में अवसर, खेल अकादमियों का विकास और बड़े आयोजनों के माध्यम से प्रतिभा तलाशने की पहल एक साथ आगे बढ़ रही है। इससे प्रदेश के युवाओं में खेलों को करियर विकल्प के रूप में देखने का भरोसा मजबूत हो सकता है।

विशेषकर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि यदि उनमें प्रतिभा है तो उन्हें आगे बढ़ने के लिए राज्य स्तर पर मंच और अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के लिए नई खेल पहचान की उम्मीद

राज्य खेल अलंकरण समारोह में सामने आया सरकार का रोडमैप केवल मौजूदा खिलाड़ियों को सम्मान देने तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा लक्ष्य आने वाले वर्षों के लिए नई खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें उच्चस्तरीय खिलाड़ी के रूप में तैयार करना है।

बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खेल आयोजन, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, नई खेल अकादमियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स—ये सभी प्रयास एक व्यापक खेल इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में कदम हैं।

यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो छत्तीसगढ़ से आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय टीमों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बड़ी संख्या में खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के शब्दों में, सरकार का लक्ष्य सिर्फ खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन्हें तलाशना, तराशना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह इसी दिशा में छत्तीसगढ़ की खेल नीति और खेल प्रतिभाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

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