
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश और मौसम को लेकर कांकेर सांसद भोजराज नाग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वायरल वीडियो में सांसद भोजराज नाग बारिश रोकने के लिए नींबू काटने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। इस बयान को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सांसद पर तीखा तंज कसा है।
दीपक बैज ने कहा कि अगर नींबू काटने से बारिश रुक सकती है तो सांसद को इसका इस्तेमाल महंगाई रोकने के लिए भी करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि नींबू काटकर महंगाई रोक दें, पेट्रोल और शक्कर की कीमतें कम करवा दें और बिजली के बिल भी कम करवा दें।

बैज के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी तकरार और तेज होने के आसार हैं। कांग्रेस ने इसे भाजपा नेताओं के बयानों और सरकार की नीतियों पर हमला करने का एक और मुद्दा बना लिया है।
भोजराज नाग के बयान पर बैज का तंज
मीडिया से चर्चा के दौरान दीपक बैज ने कांकेर सांसद भोजराज नाग के वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सांसद के कथित बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि नींबू काटने से बारिश रुक जाती है तो इसका इस्तेमाल जनता की दूसरी समस्याओं को दूर करने में भी किया जाना चाहिए।
बैज ने कहा कि सांसद नींबू काटकर महंगाई को रोक दें। पेट्रोल और शक्कर की कीमतों को कम करवा दें। इसके साथ ही उन्होंने बिजली के बढ़ते बिलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान सीधे तौर पर भाजपा और केंद्र एवं राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। उन्होंने महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार से सवाल किए।
भाजपा की दो दिवसीय समन्वय बैठक पर भी साधा निशाना
दीपक बैज ने भाजपा की चल रही दो दिवसीय समन्वय बैठक को लेकर भी सरकार और संगठन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
बैज ने कहा कि संगठन की बैठक में मंत्रियों के कामकाज और सरकार के प्रदर्शन को लेकर चर्चा हुई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मंत्रियों को संगठन की ओर से कड़ी फटकार लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, बैज द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके बयान को प्रदेश कांग्रेस की ओर से भाजपा सरकार पर किया गया राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
‘मंत्रियों का परफॉर्मेंस जीरो’
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार के मंत्रियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कई मंत्रियों का प्रदर्शन बेहद खराब है।
बैज ने दावा किया कि मंत्रियों के इस्तीफे लेकर रख लिए गए हैं और संगठन स्तर पर उनके कामकाज की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मंत्री बैठक के बाद नाराज या भावुक होकर बाहर आए।
कांग्रेस नेता ने सरकार पर कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने मीडिया के सामने कोई दस्तावेज या विशिष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। भाजपा या संबंधित मंत्रियों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
‘मंत्रिमंडल में बदलाव नहीं, सरकार बदलने की जरूरत’
दीपक बैज ने मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब केवल मंत्रिमंडल में बदलाव करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को ही बदलने की जरूरत है।
उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से जुड़े कई मुद्दे लगातार बने हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में अपेक्षित रूप से सफल नहीं रही है।
बैज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से भाजपा के भीतर कथित असंतोष और मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्कूली छात्रों के आंदोलन पर भी सरकार को घेरा
दीपक बैज ने प्रदेश में स्कूली छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की स्थिति खराब है।
बैज ने कहा कि स्कूलों में कई जगह किताबों की कमी है, शिक्षकों की कमी है और पर्याप्त भवन भी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कई स्कूलों में बारिश के कारण पानी भरने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था खराब है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा।
‘शिक्षा मंत्री कठपुतली की तरह विभाग चला रहे’
बैज ने शिक्षा मंत्री पर तीखा व्यक्तिगत राजनीतिक हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे कठपुतली की तरह विभाग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।
उनका कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों, भवनों और शैक्षणिक संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
स्कूली छात्रों के आंदोलन को लेकर बैज ने इसे सरकार के खिलाफ युवाओं और विद्यार्थियों में बढ़ते असंतोष का संकेत बताया। उन्होंने दावा किया कि नई पीढ़ी अब अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रही है।
‘जेन अल्फा ने सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया’
दीपक बैज ने स्कूली छात्रों के आंदोलन को ‘जेन अल्फा का सरकार के खिलाफ बिगुल’ बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों और छात्रों से जुड़े बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, किताबें, भवन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सीधे तौर पर प्रदेश के भविष्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
महंगाई से शिक्षा तक, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
दीपक बैज के ताजा बयान में कांग्रेस ने एक साथ कई मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। भोजराज नाग के नींबू वाले वायरल वीडियो को लेकर महंगाई और बिजली बिल का मुद्दा उठाया गया, वहीं भाजपा की संगठनात्मक बैठक के बहाने मंत्रियों के कामकाज पर सवाल खड़े किए गए।
इसके अलावा स्कूली छात्रों के आंदोलन को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा गया। कांग्रेस ने किताब, शिक्षक, स्कूल भवन और जलभराव जैसे मुद्दों को आधार बनाकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो भाजपा की संगठनात्मक बैठकों और सरकार के कामकाज की समीक्षा के बीच कांग्रेस के हमले आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों का जवाब दिए जाने के बाद यह मुद्दा प्रदेश की सियासत में और गरमा सकता है।



