छत्तीसगढ़

अभनपुर में शिक्षक की कमी को लेकर छात्रों का हंगामा, स्कूल में जड़ा ताला; परिजनों के साथ सड़क पर उतरे विद्यार्थी

अभनपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तमासिवनी में गणित विषय के शिक्षक की कमी को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के साथ उनके परिजन भी आंदोलन में शामिल हुए।

विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल में गणित विषय के शिक्षक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है।

गणित शिक्षक की मांग को लेकर तालाबंदी

मंगलवार को छात्रों ने स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने मांग की कि स्कूल में तत्काल गणित विषय के शिक्षक की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई नियमित रूप से हो सके।

छात्रों का कहना है कि गणित ऐसा विषय है जिसमें नियमित कक्षा, अभ्यास और शिक्षक का मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। शिक्षक के अभाव में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने और कठिन अध्यायों को समझने में परेशानी हो रही है।

विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है और शिकायत के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

परिजनों ने भी छात्रों का दिया साथ

छात्रों के प्रदर्शन में उनके परिजन भी शामिल हुए। परिजनों ने भी स्कूल में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने की मांग की।

परिजनों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी प्रमुख विषयों के लिए नियमित शिक्षक उपलब्ध होना जरूरी है।

उनका कहना है कि यदि समय पर शिक्षक की नियुक्ति या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान होगा, जिसकी भरपाई बाद में करना मुश्किल हो सकता है।

जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू भी धरने पर बैठे

छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांग का समर्थन किया और उनके साथ स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए।

यशवंत साहू ने कहा कि विद्यार्थियों की मांग जायज है और स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले का तत्काल समाधान करने की मांग की।

शिक्षक की पोस्टिंग हुई, लेकिन रायपुर जिला पंचायत में अटैच

जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू के अनुसार, स्कूल में गणित विषय के लिए एक शिक्षक की पोस्टिंग की गई थी। हालांकि, संबंधित शिक्षक को बाद में रायपुर जिला पंचायत में अटैच कर दिया गया।

उनका आरोप है कि शिक्षक के दूसरे स्थान पर अटैच होने के बावजूद उनका वेतन स्कूल से ही जारी किया जा रहा है। ऐसे में कागजों में शिक्षक की व्यवस्था होने के बावजूद स्कूल में विद्यार्थियों को गणित पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं है।

जिला पंचायत सदस्य ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक की वास्तविक जरूरत स्कूल में है, इसलिए उन्हें वापस स्कूल में पदस्थ किया जाना चाहिए या तत्काल किसी अन्य शिक्षक की व्यवस्था की जानी चाहिए।

‘शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे होगी?’

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में गणित विषय की नियमित पढ़ाई नहीं होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों ने कहा कि केवल किताब और पाठ्यक्रम उपलब्ध होने से पढ़ाई पूरी नहीं हो सकती। विषय को समझने और कठिन सवालों का अभ्यास कराने के लिए शिक्षक का होना जरूरी है।

खासकर उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए गणित विषय में नियमित मार्गदर्शन महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को आशंका है कि यदि शिक्षक की व्यवस्था जल्द नहीं की गई तो इसका असर परीक्षा परिणाम पर भी पड़ सकता है।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांग को लेकर गंभीर हैं। उनका कहना है कि जब तक स्कूल में गणित विषय के शिक्षक की उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

छात्रों की मांग है कि प्रशासन केवल आश्वासन देने के बजाय तत्काल वैकल्पिक या स्थायी शिक्षक की व्यवस्था करे, ताकि उनकी पढ़ाई दोबारा नियमित हो सके।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

स्कूल में तालाबंदी और प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने छात्रों, स्कूल प्रबंधन और जिला पंचायत सदस्य से चर्चा शुरू की है।

प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए छात्रों की समस्या का समाधान निकाला जाए और स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था जल्द सामान्य की जा सके।

फिलहाल स्कूल परिसर के बाहर विद्यार्थियों और परिजनों का प्रदर्शन जारी है। प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तमासिवनी स्कूल का यह मामला सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और पदस्थापना व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। यदि किसी स्कूल में विषयवार शिक्षक की कमी है तो उसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है।

छात्रों के आंदोलन के बाद अब उम्मीद है कि शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल में गणित शिक्षक की समस्या का जल्द समाधान करेगा। फिलहाल विद्यार्थियों की सबसे बड़ी मांग यही है कि उन्हें नियमित कक्षाएं मिलें और उनकी पढ़ाई किसी भी तरह बाधित न हो।

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