
रायपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर विष्णु भैया मोर’ कार्यक्रम भावनाओं, भाई-बहन के स्नेह और जवानों के सम्मान का विशेष अवसर बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान शहीद जवान की पत्नी ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी, वहीं स्कूली छात्राओं ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया।

कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी और विधायक पुरंदर मिश्रा समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। CISF, BSF और छत्तीसगढ़ पुलिस के करीब 800 जवानों को छात्राओं ने राखी बांधी। इस दौरान मूकबधिर और दिव्यांग बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।
शहीद जवान की पत्नी ने CM साय को बांधी राखी
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब शहीद वीर जवान युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इस आत्मीय क्षण को अपने लिए बेहद खास बताया।
राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोई सगी बहन नहीं है और वे भाई-भाई हैं, लेकिन आज माधुरी वर्मा के रूप में उन्हें सगी बहन से बढ़कर एक बहन मिली है।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन के बाद कार्यक्रम स्थल का माहौल भावुक हो गया। शहीद परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बने इस आत्मीय रिश्ते को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी भावनात्मक रूप से महसूस किया।
‘भाई-बहन का रिश्ता प्रेम और विश्वास का प्रतीक’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता केवल एक पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन बहनों द्वारा जवानों को राखी बांधना उनके प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना को दर्शाता है।
800 जवानों की कलाई पर बंधी राखी
‘स्नेह की डोर विष्णु भैया मोर’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने CISF, BSF और छत्तीसगढ़ पुलिस के करीब 800 जवानों को राखी बांधी।
यह दृश्य कार्यक्रम के सबसे खास पलों में से एक रहा। छात्राओं ने जवानों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना व्यक्त की। जवानों ने भी बहनों के इस स्नेह को आत्मीयता से स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों और बहनों के बीच इस तरह का भावनात्मक जुड़ाव समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है।
जवानों के साहस और बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों ने जिस साहस का परिचय दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करना बहनों के लिए भी जवानों की ओर से एक बड़ा उपहार है।
बस्तर में अब तेज होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग के विकास को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बस्तर में अपेक्षित विकास नहीं हो सका, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर संभाग में विकास की गति तेज की जाए और वहां रहने वाले लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही विकास कार्यों को गति देने पर सरकार का विशेष जोर है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाए।
महिला स्व-सहायता समूहों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर अगले महीने की किस्त को भी अग्रिम रूप से 31वीं किस्त के रूप में 68 लाख बहनों के बैंक खातों में 631 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बहनें रक्षाबंधन का त्योहार खुशी और सम्मान के साथ मना सकें।
दिव्यांग और मूकबधिर बच्चों की प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम में मूकबधिर और दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें खूब सराहना मिली।
मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी शारीरिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांग बच्चे भी अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
पांच योजनाओं और प्रोजेक्ट का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की ओर से संचालित पांच योजनाओं और परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सुविधाओं और विकास योजनाओं का बेहतर लाभ पहुंचाना है।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
रक्षाबंधन के बहाने जवानों और समाज के बीच मजबूत हुआ रिश्ता
‘स्नेह की डोर विष्णु भैया मोर’ कार्यक्रम केवल रक्षाबंधन का उत्सव नहीं रहा, बल्कि इसने जवानों, शहीद परिवारों और आम समाज के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत किया।
एक ओर जहां छात्राओं ने जवानों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान जताया, वहीं शहीद जवान की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री को राखी बांधने का भावुक दृश्य कार्यक्रम की पहचान बन गया। मुख्यमंत्री का यह कहना कि उन्हें आज सगी बहन से बढ़कर बहन मिली है, पूरे आयोजन के भावनात्मक संदेश को सामने लाता है।
कार्यक्रम के जरिए सरकार ने जवानों के त्याग और शहीद परिवारों के सम्मान के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और बस्तर के विकास को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



