PM E-Drive Subsidy: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदारों को बड़ी राहत, 2028 तक जारी रहेगी सब्सिडी; जानें कितना मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने PM E-Drive योजना की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दी है। पहले यह योजना मार्च 2026 तक लागू रहने वाली थी। समय-सीमा बढ़ाने के साथ सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए निर्धारित फंड में भी बढ़ोतरी की है।
इस फैसले से इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सब्सिडी की राशि पहले की तुलना में कम है और इसका लाभ कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले वाहनों पर ही मिलेगा।

PM E-Drive योजना अब कब तक चलेगी?
PM E-Drive योजना को शुरुआत में अक्टूबर 2024 से मार्च 2026 तक के लिए लागू किया गया था। अब केंद्र सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दी है।
इसका मतलब है कि योग्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहकों को अगले करीब डेढ़ साल तक योजना के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन का लाभ मिल सकता है।
योजना की अवधि बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी बाजार में लंबे समय तक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए फंड बढ़ाया गया
सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए निर्धारित बजट में भी बड़ा इजाफा किया है।
पहले E2W सेगमेंट के लिए ₹1,772 करोड़ का प्रावधान था। अब इसमें करीब ₹1,000 करोड़ की बढ़ोतरी करते हुए इसे लगभग ₹2,767 करोड़ कर दिया गया है।
इस अतिरिक्त फंड का उद्देश्य ज्यादा संख्या में योग्य इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को प्रोत्साहन उपलब्ध कराना है।
यानी सरकार की कोशिश केवल योजना की अवधि बढ़ाने की नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार को अधिक समय तक वित्तीय समर्थन देने की भी है।
इलेक्ट्रिक स्कूटर-बाइक पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
संशोधित व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच पंजीकृत योग्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए बैटरी क्षमता के आधार पर इंसेंटिव दिया जाएगा।
नई दर:
₹2,500 प्रति kWh
लेकिन प्रति वाहन अधिकतम इंसेंटिव:
₹5,000
रखा गया है।
इसका मतलब है कि बड़ी बैटरी वाली इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर को भी निर्धारित अधिकतम सीमा से ज्यादा सब्सिडी नहीं मिलेगी।
आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर में 2 kWh की बैटरी है।
2 × ₹2,500 = ₹5,000
ऐसे वाहन पर अधिकतम ₹5,000 तक का बैटरी आधारित इंसेंटिव बन सकता है, बशर्ते वह योजना की अन्य शर्तें पूरी करता हो।
अगर बैटरी क्षमता 3 kWh है:
3 × ₹2,500 = ₹7,500
लेकिन अधिकतम सीमा ₹5,000 होने के कारण ग्राहक को ₹5,000 से ज्यादा इंसेंटिव नहीं मिलेगा।
हर इलेक्ट्रिक स्कूटर पर नहीं मिलेगी सब्सिडी
यह समझना जरूरी है कि PM E-Drive के तहत हर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अपने आप सब्सिडी के लिए योग्य नहीं होगा।
सरकार ने वाहन की कीमत को लेकर भी सीमा तय की है।
सब्सिडी के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की एक्स-शोरूम कीमत ₹1.50 लाख या उससे कम होनी चाहिए।
इससे अधिक एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर योजना के इस प्रोत्साहन के लिए पात्र नहीं होंगे।
सब्सिडी की एक और सीमा भी है
सरकार ने इंसेंटिव को वाहन की कीमत से भी जोड़ा है। प्रोत्साहन राशि वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के 15 प्रतिशत या ₹5,000—जो भी कम हो, उसके आधार पर तय होगी।
इसलिए ग्राहक को हर स्थिति में पूरे ₹5,000 मिलना जरूरी नहीं है।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी योग्य वाहन की कीमत इतनी कम है कि 15 प्रतिशत की गणना ₹5,000 से नीचे आती है, तो इंसेंटिव उसी सीमा तक रहेगा।
PM E-Drive में E2W सब्सिडी का गणित
| शर्त | संशोधित व्यवस्था |
|---|---|
| योजना की अवधि | 31 मार्च 2028 तक |
| सब्सिडी दर | ₹2,500/kWh |
| अधिकतम इंसेंटिव | ₹5,000 प्रति वाहन |
| अधिकतम एक्स-शोरूम कीमत | ₹1.50 लाख |
| कीमत आधारित सीमा | एक्स-शोरूम कीमत का 15% या ₹5,000, जो कम हो |
| लागू पंजीकरण अवधि | 1 अप्रैल 2025–31 मार्च 2028 |
पहले कितनी सब्सिडी मिलती थी?
PM E-Drive के शुरुआती चरण में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए प्रोत्साहन राशि मौजूदा व्यवस्था से ज्यादा थी।
वित्त वर्ष 2024-25 में इंसेंटिव की दर ₹5,000 प्रति kWh थी और अधिकतम लाभ ₹10,000 प्रति वाहन तक था।
बाद में 1 अप्रैल 2025 से इसे घटाकर:
- ₹2,500 प्रति kWh
- अधिकतम ₹5,000 प्रति वाहन
कर दिया गया।
इसलिए योजना की अवधि बढ़ने के बावजूद मौजूदा सब्सिडी दर शुरुआती व्यवस्था की तुलना में आधी है।
सरकार ने योजना की अवधि क्यों बढ़ाई?
भारत सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए लगातार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और ग्राहकों को प्रोत्साहन देने पर जोर दे रही है।
PM E-Drive को लंबा करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को गति देना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनकी शुरुआती कीमत और चलाने की लागत आमतौर पर इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में कम होती है।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
योजना की अवधि बढ़ने का सबसे सीधा फायदा उन ग्राहकों को होगा जो अगले डेढ़ साल में इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं।
उन्हें:
- योग्य मॉडल पर सरकारी इंसेंटिव मिलेगा।
- शुरुआती खरीद लागत कुछ कम हो सकती है।
- इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का फैसला आसान हो सकता है।
- बाजार में ज्यादा विकल्प उपलब्ध रहने की संभावना है।
हालांकि, ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ₹5,000 अधिकतम इंसेंटिव है, हर वाहन पर इतनी ही राशि मिलना जरूरी नहीं है।
कंपनियों को भी मिलेगी राहत
PM E-Drive की अवधि बढ़ने का फायदा सिर्फ ग्राहकों को नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों को भी मिलेगा।
EV कंपनियों को अब लंबी अवधि तक सरकारी प्रोत्साहन व्यवस्था के तहत अपने उत्पादों की बिक्री की योजना बनाने का मौका मिलेगा।
इससे कंपनियां:
- नए इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक लॉन्च कर सकती हैं।
- उत्पादन बढ़ा सकती हैं।
- बैटरी तकनीक पर निवेश कर सकती हैं।
- डीलर नेटवर्क का विस्तार कर सकती हैं।
- ग्राहकों के लिए नए ऑफर तैयार कर सकती हैं।
₹11,900 करोड़ का कुल बजट
PM E-Drive योजना के लिए सरकार ने कुल ₹11,900 करोड़ का व्यापक बजट निर्धारित किया है।
इस राशि का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में प्रोत्साहन देने के लिए किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के अलावा योजना का व्यापक उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
इंसेंटिव क्लेम की भी तय है अंतिम तारीख
सरकार ने निर्माताओं और विक्रेताओं के लिए इंसेंटिव क्लेम दाखिल करने की समय-सीमा भी निर्धारित की है।
योजना की अंतिम अवधि 31 मार्च 2028 है, लेकिन इंसेंटिव क्लेम दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2027 तय की गई है।
इस तारीख के बाद जमा किए गए दावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
इसलिए वाहन कंपनियों और डीलर्स को पात्र बिक्री के इंसेंटिव क्लेम समय पर दाखिल करने होंगे।
क्या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना अब सस्ता होगा?
सरकार की ओर से सब्सिडी जारी रहने से योग्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की प्रभावी खरीद लागत में राहत मिल सकती है। लेकिन ग्राहक को यह समझना जरूरी है कि अंतिम ऑन-रोड कीमत में सिर्फ सब्सिडी ही एकमात्र कारक नहीं है।
एक्स-शोरूम कीमत के अलावा रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, टैक्स और अन्य खर्च भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
इसलिए इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय ग्राहक को एक्स-शोरूम कीमत, PM E-Drive पात्रता और अंतिम ऑन-रोड कीमत तीनों की जांच करनी चाहिए।
PM E-Drive Extension: एक नजर में
- योजना: PM E-Drive
- नई अंतिम तारीख: 31 मार्च 2028
- E2W के लिए बढ़ा फंड: ₹2,767 करोड़
- सब्सिडी: ₹2,500 प्रति kWh
- अधिकतम सब्सिडी: ₹5,000
- वाहन की अधिकतम एक्स-शोरूम कीमत: ₹1.50 लाख
- कीमत आधारित सीमा: 15% या ₹5,000, जो कम हो
- क्लेम की अंतिम तारीख: 31 दिसंबर 2027
- योजना का कुल बजट: ₹11,900 करोड़
कुल मिलाकर, PM E-Drive की अवधि 2028 तक बढ़ना इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार के लिए सकारात्मक खबर है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में सब्सिडी की अधिकतम राशि पहले के मुकाबले कम है। इसलिए खरीदारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे वाहन खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि उनका चुना हुआ मॉडल ₹1.50 लाख की कीमत सीमा और PM E-Drive की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करता है या नहीं।



